करियर के शुरुआती दौर में अस्पताल और क्लिनिक देखभाल की रीढ़ रेजीडेंट चिकित्सक सरकार के साथ वार्ता विफल होने के बाद अस्पतालों के बाहर धरना दे रहे हैं।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य सेवा (एनएचएस) ने कहा कि आपातकालीन विभाग खुले रहेंगे और अस्पताल और क्लीनिक यथासंभव अधिक से अधिक मरीजों को सेवा मुहैया कराने का प्रयास करेंगे।
चिकित्सक वेतन वृद्धि की मांग कर रहे हैं कि 2008 से उनके वेतन में 20 प्रतिशत की कटौती की भरपाई की जा सके।
रेजीडेंट चिकित्सक समिति की अध्यक्ष डॉ. मेलिसा रयान और डॉ. रॉस निउवाउड ने कहा,‘‘वेतन में कमी अब इस हद तक पहुंच गई है कि एक डॉक्टर के सहायक को रेजीडेंट डॉक्टर की तुलना में 30 प्रतिशत तक ज़्यादा वेतन मिल सकता है।’’
सरकार का कहना है कि चिकित्सकों को औसतन 28.9 प्रतिशत की वेतन वृद्धि की गई है और वह इससे ज़्यादा वेतन नहीं देगी, लेकिन बेहतर कामकाजी परिस्थितियों पर चर्चा करने को तैयार है।
प्रधानमंत्री केअर स्टार्मर ने चिकित्सकों से काम पर वापस लौटने की अपील की है।
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