तिरुवनंतपुरम, 11 सितंबर कांग्रेस कार्यसमिति (सीडब्ल्यूसी) में सदस्य के तौर पर शामिल नहीं किए गए वरिष्ठ नेता रमेश चेन्नीथला ने सोमवार को कहा कि पार्टी के प्रति उनकी वफादारी में कभी कोई बदलाव नहीं आएगा, लेकिन वह समिति के लिए उनके नाम पर विचार नहीं किये जाने से भावनात्मक रूप से परेशान थे।
चेन्नीथला को सीडब्ल्यूसी में केवल स्थायी आमंत्रित सदस्य के तौर पर शामिल किया गया है।
उन्होंने कहा कि 19 साल पहले जब सोनिया गांधी अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) की अध्यक्ष थीं, तब उन्हें इस पद पर नियुक्त किया गया था, लिहाजा जब उन्हें दोबारा इस पद पर नियुक्त किया गया तो उन्हें “अजीब” लगा।
चेन्नीथला ने कहा, “यह सच है कि सीडब्ल्यूसी के गठन की खबर सामने आने पर मैं भावनात्मक रूप से थोड़ा परेशान हो गया। ”
हालांकि उन्होंने फिर भी यह जाहिर किया कि पार्टी उनके लिए कितनी महत्वपूर्ण है।
वरिष्ठ नेता ने चुप्पी तोड़ते हुए यहां पत्रकारों से कहा, “मैंने कभी अपनी पार्टी नहीं छोड़ी और न ही कभी पार्टी को खारिज किया...कांग्रेस मेरे जीवन और सांसों में है।”
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने पिछले महीने पार्टी के निर्णय लेने वाले शीर्ष निकाय सीडब्ल्यूसी का पुनर्गठन किया था। समिति में 84 सदस्यों को शामिल किया गया था, जिनमें शशि थरूर और आनंद शर्मा समेत जी 23 समूह के कुछ नेता भी शामिल थे, जो पहले पार्टी नेतृत्व की आलोचना कर चुके हैं।
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