नयी दिल्ली, 13 फरवरी भारतीय उद्योग जगत में इस साल छह प्रतिशत से लेकर 15 प्रतिशत तक की सीमा में वार्षिक वेतन वृद्धि होने का अनुमान है। वेतन वृद्धि का अनुपात उद्योग, भूमिका के महत्व और विशिष्ट कौशल पर निर्भर करेगा। एक रिपोर्ट में यह अनुमान जताया गया है।
वैश्विक भर्ती परामर्श कंपनी माइकल पेज की तरफ से जारी ‘2025 सैलरी गाइड’ के मुताबिक, उभरते कौशल और महत्वपूर्ण नेतृत्व भूमिकाओं के लिए वेतन वृद्धि का आंकड़ा 40 प्रतिशत तक पहुंच सकता है।
फर्म ने कहा कि भारत के नौकरी बाजार ने हाल के महीनों में मजबूती दिखाई है, जिससे 2024 की शुरुआत की तुलना में विभिन्न क्षेत्रों में अवसरों में वृद्धि हुई है।
इसने कहा, “भारत में वार्षिक वेतन वृद्धि आम तौर पर छह से 15 प्रतिशत के बीच होती है जबकि पदोन्नति के मामले में वेतन वृद्धि आम तौर पर 20-30 प्रतिशत के बीच होती है। हालांकि, महत्वपूर्ण नेतृत्व और उभरते कौशल भूमिकाओं में 30 से 40 प्रतिशत की वृद्धि देखी जाती है।”
इसमें कहा गया है कि एक दर्जन से अधिक नए वैश्विक निजी इक्विटी, सॉवरेन, उद्यम पूंजी, रियल एस्टेट और बुनियादी ढांचा कोष ने भारत में अपने परिचालन का विस्तार किया है, जो वैश्विक निवेश परिदृश्य में देश के बढ़ते महत्व को दर्शाता है।
पेज ग्रुप के प्रबंध निदेशक अंकित अग्रवाल ने कहा कि इस वर्ष के लिए वेतन वृद्धि अनुमान छह से 15 प्रतिशत है तथा औसत वृद्धि नौ प्रतिशत के आसपास होगी, जो पिछले वर्ष के आंकड़े के समान है। हालांकि उद्योग और कौशल के आधार पर यह असमानता बहुत अधिक है।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)













QuickLY