देश की खबरें | यूक्रेन संकट के बीच ‘वैश्विक विश्वास की कमी’ को खत्म करें:जी20 में मोदी का विश्व के नेताओं से आग्रह

नयी दिल्ली, नौ सितंबर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को वैश्विक नेताओं से ‘वैश्विक विश्वास की कमी’ को खत्म करने का आग्रह किया और भारत ने जी20 आधिकारिक वक्तव्य पर गतिरोध तोड़ने के लिए यूक्रेन संकट पर एक नया पाठ प्रस्तावित किया।

साथ ही, अफ्रीकी संघ (एयू) को समूह की स्थायी सदस्यता प्रदान करने की घोषणा भी की गई।

जी20 के सभी सदस्य देशों ने भारत की जी20 अध्यक्षता के तहत 55 सदस्यीय अफ्रीकी संघ को दुनिया की शीर्ष अर्थव्यवस्थाओं की सूची में शामिल करने लिए यहां मंच (जी20) के शिखर सम्मेलन की शुरुआत में प्रधानमंत्री मोदी के प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया।

मोदी ने कहा कि अफ्रीकी संघ के सदस्य बनने से जी20 और ‘ग्लोबल साउथ’ की आवाज भी मजबूत होगी। संघ की सामूहिक रूप से सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) लगभग तीन हजार अरब अमेरिकी डॉलर और जनसंख्या लगभग 1.4 अरब है। जी20 का 1999 में गठन किये जाने के बाद इसका पहली बार विस्तार किया गया है। एशियाई वित्तीय संकट के बाद जी20 का गठन किया गया था।

मोदी ने 18वें जी20 शिखर सम्मेलन के ‘एक पृथ्वी’ सत्र और भारत की मेजबानी में आयोजित बैठक को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘यह हम सभी के लिए वैश्विक भलाई के वास्ते एक साथ चलने का समय है।’’

जी20 नेताओं के शिखर सम्मेलन में अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन, जर्मन चांसलर ओलाफ शोल्ज, फ्रांस के राष्ट्रपति एमैनुएल मैक्रों, ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ऋषि सुनक, सऊदी अरब के युवराज मोहम्मद बिन सलमान, तुर्किये के राष्ट्रपति रजब तैयब एर्दोआन, कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो, इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी, दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति यून सुक योल और ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला डा सिल्वा समेत कई नेता हिस्सा ले रहे हैं।

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग इस सम्मेलन में भाग नहीं ले रहे हैं।

प्रधानमंत्री मोदी ने भव्य प्रदर्शनी सह सम्मेनल केंद्र ‘भारत मंडपम’ में जी20 नेताओं को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘कोरोना वायरस वैश्विक महामारी के बाद दुनिया को विश्वास की कमी की एक नई चुनौती का सामना करना पड़ा और दुर्भाग्य से (यूक्रेन) युद्ध के कारण यह और बढ़ गई।’’

मोदी ने कहा, ‘‘लेकिन हमें याद रखना चाहिए कि अगर हम कोविड जैसी महामारी को हरा सकते हैं, तो हम इस विश्वास की कमी की चुनौती पर भी जीत हासिल कर सकते हैं। आज, जी20 के अध्यक्ष के रूप में, भारत पूरी दुनिया से इस वैश्विक विश्वास की कमी को विश्वास और आत्मविश्वास में बदलने का आह्वान करता है।’’

जी20 नेताओं ने यूक्रेन युद्ध के साये में वैश्विक चुनौतियों पर विचार-विमर्श किया, जिसने वैश्विक भू-राजनीतिक व्यवस्था को महत्वपूर्ण रूप से खंडित कर दिया है। इस मौके पर प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत की जी20 अध्यक्षता देश के भीतर और बाहर समावेशिता व एकजुटता का प्रतीक बन गई है।

मोदी ने कहा, ‘‘अब समय आ गया है, जब पुरानी चुनौतियां हमसे नए समाधान चाहती हैं और इसलिए हमें अपनी जिम्मेदारियों को पूरा करने के वास्ते मानव-केंद्रित दृष्टिकोण के साथ आगे बढ़ना होगा।’’

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत में यह लोगों का जी20 बन गया है और 60 से अधिक शहरों में 200 से अधिक कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं।

प्रधानमंत्री ने ‘सबका विकास’ की हिमायत करते हुए कहा, ‘‘वैश्विक अर्थव्यवस्था में अनिश्चितता, उत्तर-दक्षिण विभाजन, पश्चिम एवं पूर्व के बीच अंतर, खाद्य प्रबंधन, ईंधन एवं उर्वरक प्रबंधन, आतंकवाद एवं साइबर सुरक्षा और स्वास्थ्य, ऊर्जा और जल सुरक्षा जैसी चुनौतियों के ठोस एवं स्थायी समाधान के लिए मिलकर आगे बढ़ने की आवश्यकता है।’’

मोदी ने कोमोरोस संघ के अध्यक्ष और अफ्रीकी संघ (एयू) के अध्यक्ष, अज़ाली असौमानी को अन्य नेताओं के साथ इस मंच में शामिल होने का आग्रह किया। इसके साथ ही, 55 सदस्यीय यह समूह (अफ्रीकी संघ) यूरोपीय संघ के बाद दूसरा बहु-राष्ट्र समूह बन जाएगा, जो जी20 का स्थायी सदस्य होगा।

उन्होंने कहा, ‘‘सबका साथ की भावना को ध्यान में रखते हुए, भारत ने अफ्रीकी संघ को जी20 की स्थायी सदस्यता प्रदान किए जाने का प्रस्ताव पेश किया। मेरा विश्वास है कि हम सब इस प्रस्ताव पर सहमत हैं....।’’

उन्होंने तालियों की गड़गड़ाहट के बीच कहा, ‘‘कार्रवाई आगे बढ़ाने से पहले, मैं एयू के अध्यक्ष को स्थायी सदस्यता ग्रहण करने के लिए आमंत्रित करता हूं।’’

इसके बाद विदेश मंत्री एस. जयशंकर, असौमानी को जी20 मंच पर उनकी सीट तक ले गए। सीट पर बैठने से पहले असौमानी ने मोदी से हाथ मिलाया और उनसे गले मिले।

प्रधानमंत्री मोदी ने ‘एक्स’ पर एक वीडियो के साथ पोस्ट में घोषणा की कि अफ्रीकी संघ जी20 का स्थायी सदस्य बन गया है। उन्होंने पोस्ट में कहा, ‘‘जी20 परिवार के स्थायी सदस्य के रूप में अफ्रीकी संघ का स्वागत करते हुए सम्मानित महसूस कर रहा हूं। इससे जी20 मजबूत होगा और ग्लोबल साउथ की आवाज भी मजबूत होगी।’’

उन्होंने कहा, “अफ्रीकी संघ को स्थायी सदस्य के रूप में पाकर रोमांचित हूं। वास्तव में जी20 परिवार के लिए यह एक मील का पत्थर है।”

राजनयिक सूत्रों ने कहा कि भारत ने शनिवार को जी20 देशों के बीच समूह के दो दिवसीय शिखर सम्मेलन के अंत में जारी होने वाले नेताओं के घोषणापत्र में यूक्रेन संघर्ष का उल्लेख करने के लिए एक नया ‘पैराग्राफ’ साझा किया।

जी20 देशों का विश्व के आर्थिक उत्पादन में 85 प्रतिशत और विश्व व्यापार में 75 प्रतिशत योगदान है।

जी20 देशों में विश्व की दो-तिहाई आबादी रहती है और मोदी ने बार-बार इस बात पर जोर दिया है कि यह समूह ग्लोबल साउथ की आवाज भी सुनता है।

शिखर सम्मेलन स्थल पर प्रधानमंत्री मोदी जहां शीर्ष नेताओं का स्वागत कर रहे थे, उसकी पृष्ठभूमि में ओडिशा के सूर्य मंदिर से कोणार्क चक्र की प्रतिकृति लगाई गई थी।

इस चक्र के एक तरफ जी20 का ‘लोगो’ था, तो वहीं दूसरी तरफ समूह में भारत की अध्यक्षता का थीम वाक्य ‘वसुधैव कुटुम्बकम’ - एक पृथ्वी, एक कुटुम्ब एक भविष्य - लिखा था।

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