नयी दिल्ली, दो फरवरी देश में बिजली की खपत जनवरी में 2.7 प्रतिशत बढ़कर 137.49 अरब यूनिट (बीयू) रही है। इस दौरान सामान्य से अधिक तापमान के कारण हीटर और गीजर जैसे उपकरणों का इस्तेमाल कम हुआ।
भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अनुसार, इस साल जनवरी में देश का औसत तापमान 18.98 डिग्री सेल्सियस था, जो 1901 के बाद से इस महीने का तीसरा सबसे अधिक तापमान रहा। इससे पहले 1958 और 1990 में यह सबसे अधिक रहा था।
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, जनवरी, 2024 में बिजली की खपत 133.94 बीयू थी।
इसी तरह, एक दिन में सबसे अधिक आपूर्ति (बिजली की अधिकतम मांग) भी जनवरी, 2024 के 222.32 गीगावाट से बढ़कर इस साल जनवरी में 237.30 गीगावाट हो गई। इससे पहले मई, 2024 में चरम बिजली मांग लगभग 250 गीगावाट के सर्वकालिक उच्चस्तर को छू गई थी।
सरकारी अनुमानों के अनुसार, 2025 की गर्मियों में बिजली की अधिकतम मांग 270 गीगावाट तक पहुंचने की उम्मीद है।
विशेषज्ञों का मानना है कि पिछले महीने हीटर और गीजर जैसे गर्मी पैदा करने वाले उपकरणों का इस्तेमाल कम होने से बिजली की मांग और खपत में अपेक्षाकृत कम वृद्धि हुई। उन्होंने कहा कि फरवरी में भी बिजली की मांग और खपत में वृद्धि कम रहेगी।
आईएमडी ने अनुमान लगाया है कि जनवरी के गर्म और शुष्क रहने के बाद फरवरी में भारत के अधिकांश हिस्सों में सामान्य से अधिक तापमान और सामान्य से कम बारिश होगी।
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