नयी दिल्ली, एक सितंबर चुनाव आयोग (ईसी) ने बहुमत का फैसला जारी करते हुए कहा है कि जोस के मणि नीत समय ही केरल कांग्रेस (एम) है और वह इसके नाम तथा सुरक्षित चुनाव चिह्न (दो पत्तियों) का इस्तेमाल करने का हकदार है।
हालांकि चुनाव आयुक्त अशोक लवासा ने असहमति जताते हुए एक अलग टिप्पणी की और कहा कि जब तक समर्थन के संबंध में नए हलफनामे नहीं मंगाए जाते, तब तक दोनों गुटों में से किसी को भी केरल कांग्रेस (एम) के रूप में मान्यता नहीं दी जा सकती है।
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लवासा ने एशियाई विकास बैंक से जुड़ने के लिए सोमवार को चुनाव आयुक्त का पद छोड़ दिया।
सूत्रों के अनुसार आयोग ने अपने बहुमत के आदेश में कहा कि जोस के मणि को विधानमंडल और संगठन में बहुमत का समर्थन प्राप्त है।
दूसरे धड़े का नेतृत्व पी जे जोसेफ कर रहे हैं।
मुख्य चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा और चुनाव आयुक्त सुशील चंद्रा ने आदेश दिया कि जोस के मणि नीत समूह केरल कांग्रेस (मणि) है।
सूत्रों ने मंगलवार को कहा कि उनका मानना था कि नए हलफनामों की जरूरत नहीं है।
उन्होंने कहा कि लवासा का विचार था कि पार्टी के कुछ सदस्यों ने दोनों पक्षों के समर्थन में हलफनामे दिए हैं वहीं कुछ हलफनामे समर्थन के मुद्दे पर स्पष्ट नहीं हैं।
पिछले साल पार्टी अध्यक्ष के एम मणि के निधन के बाद पार्टी उपाध्यक्ष जोस और कार्यकारी अध्यक्ष जोसेफ के बीच विवाद शुरू हो गया था।
यह मामला पिछले साल के अंत में चुनाव आयोग पहुंचा और इस संबंध में आखिरी सुनवाई इस साल फरवरी में हुयी थी।
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