देश की खबरें | शिक्षा सभ्य एवं समर्थ समाज तथा सशक्त राष्ट्र की बुनियाद : योगी
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को कहा कि शिक्षा सभ्य एवं समर्थ समाज तथा सशक्त राष्ट्र की बुनियाद एवं बुनियादी जरूरत है।
गोरखपुर,(उप्र), 20 अगस्त उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को कहा कि शिक्षा सभ्य एवं समर्थ समाज तथा सशक्त राष्ट्र की बुनियाद एवं बुनियादी जरूरत है।
योगी मंगलवार को गोरखपुर के चरगांवा विकासखंड के लिए "निपुण भारत मिशन" के तहत प्रदेश में ‘रोड टू स्कूल’ की पहली परियोजना की शुरुआत करने के बाद आयोजित समारोह को संबोधित कर रहे थे।
एक आधिकारिक बयान के अनुसार योगी ने अपने संबोधन में कहा कि ''किसी भी समर्थ और सशक्त राष्ट्र की सबसे प्रमुख उपलब्धि शिक्षा होती है। शिक्षा सभ्य व समर्थ समाज और सशक्त राष्ट्र की बुनियाद है और बुनियादी जरूरत भी।''
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि 'रोड टू स्कूल प्रोजेक्ट स्कूल चलो अभियान का ही नया रूप है। इसमें रिसोर्स पर्सन और उनके ऊपर की टीम एक पिरामिड के रूप में बच्चों को स्कूल लाने, उनकी उपस्थिति बनाए रखने और उनके शिक्षा, स्वास्थ्य, खेल और कला कौशल की निगरानी करती है।''
योगी ने पिछले सात सालों से सरकार के प्रयासों से प्रदेश के परिषदीय स्कूलों की दशा में आए बदलाव का उल्लेख करते हुए कहा कि ''2017 के पहले ड्रापआउट (स्कूल छोडना) एक बड़ी समस्या थी। बड़ी संख्या में नामांकित बच्चे भी स्कूल नहीं आते थे तो कई कक्षा पांच के बाद छह में और कक्षा आठ के बाद नौ में नामांकन नहीं लेते थे।''
प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनने के बाद की उपलब्धियां गिनाते हुए उन्होंने कहा, ‘‘सरकार ने स्कूल चलो अभियान में शिक्षकों की भूमिका को महत्व दिया तो आज ये समस्या दूर होती जा रही है।''
योगी ने कहा ''स्कूल चलो अभियान का परिणाम है कि 2017 के बाद उप्र के परिषदीय विद्यालयों में 50 से 60 लाख नए बच्चे बढ़े हैं।'' उन्होंने कहा कि ''बीच के दो साल कोरोना से प्रभावित होने के बावजूद इन स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों की संख्या 1.34 करोड़ से बढ़कर 1.92 करोड़ हो गई है।''
मुख्यमंत्री ने कहा कि ''शिक्षा के बिना मानवीय मूल्यों और जीवन सृष्टि की आवश्यकताओं की पूर्ति की कल्पना नहीं की जा सकती है।''
उन्होंने कहा कि जब हम बच्चों का भविष्य उज्ज्वल बनाएंगे तो भारत का भविष्य उज्ज्वल बनाने में सफल होंगे।
उन्होंने शिक्षा के महत्व की चर्चा करते हुए कहा कि ''प्राचीन समय से अलग अलग कालखंडों में शिक्षा को सर्वसुलभ बनाने के प्रयास किए गए। इसमें गुरुकुल प्रणाली भी प्रेरक रही। तक्षशिला, नालंदा, विक्रमशिला, काशी, कांचीपुरम की ख्याति अध्ययन और अध्यापन के बेहतरीन केंद्र के रूप में रही।''
योगी ने कहा कि ''प्राचीनकाल के अलावा बदले हालात में देश को आजादी मिलने के बाद भी शिक्षा के क्षेत्र को मजबूत बनाने के लिए प्रयास हुए लेकिन अभी भी बहुत कुछ करने की जरूरत है।''
स्कूली शिक्षा को मजबूत करने के लिए संसाधन से लेकर प्रोत्साहन तक दिए गए ध्यान का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जनप्रतिनिधियों और मानिंद लोगों को साथ लेकर प्रदेश में बड़ी संख्या में ऑपरेशन कायाकल्प के तहत स्कूलों को सुदृढ़ बनाया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रमिकों के पाल्यों की मुफ्त शिक्षा के लिए सभी मंडल मुख्यालय पर अटल आवासीय विद्यालय खोले गए हैं। जल्द ही 57 जिलों में डे स्कूल खोले जाएंगे।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)
(The above story first appeared on LatestLY on Aug 20, 2024 04:22 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

