उन्होंने कहा कि सरकारी स्कूलों में इंटरनेट और कम्प्यूटरों की उपलब्धता पर सरकार को ध्यान देना चाहिए और कॉलेजों में अनुसंधान को बढ़ावा देने के लिए काम होना चाहिए।
भाजपा के महेंद्र सिंह सोलंकी ने कहा कि पुरानी शिक्षा नीति अंग्रेजी परंपरा और रटने-रटाने पर आधारित थी जिसे वामपंथी सोच के साथ देश पर थोपा गया था।
एसकेएम के इंद्रा एच सुब्बा ने कहा कि स्कूलों में व्यावसायिक शिक्षा को उचित तरह से लागू किया जाना चाहिए।
उन्होंने पूर्वोत्तर राज्यों के बारे में पढ़ाई को देश के अन्य हिस्सों के स्कूलों में पाठ्यक्रम में शामिल किये जाने की मांग की ताकि पूरे देश के बच्चे पूर्वोत्तर राज्यों के इतिहास और संस्कृति के बारे में जान सकें।
भाजपा के जगदंबिका पाल ने कहा कि यूनेस्को ने भी भारत की नई शिक्षा नीति की प्रशंसा की है।
कांग्रेस के मोहम्मद जावेद ने दावा किया कि बिना योजना के लॉकडाउन की वजह से 57 प्रतिशत बच्चियों को स्कूली पढ़ाई छोड़नी पड़ी। इस बजट में मदरसा शिक्षा के लिए कोई आवंटन नहीं किया गया।
जदयू के कौशलेंद्र कुमार ने सरकार से आग्रह किया कि पटना विश्वविद्यालय को केंद्रीय विश्वविद्यालय का दर्जा दिया जाए।
भाजपा के बालक नाथ ने कहा कि नयी शिक्षा नीति भारत को उसका पुराना गौरव वापस दिलाएगी।
उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि हिंदी और अंग्रेजी माध्यम का फर्क खत्म हो।
समाजवादी पार्टी के शफीकुर्रहमान बर्क ने कहा कि उर्दू भी भारत में पैदा हुई है और इसका भी प्रचार-प्रसार किया जाना चाहिए।
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