देश की खबरें | एडिटर्स गिल्ड ने हिरासत में ली गई महिला पत्रकार को रिहा करने की मांग की

नयी दिल्ली, छह मई एडिटर्स गिल्ड ऑफ इंडिया ने एक समाचार चैनल की महिला रिपोर्टर को पंजाब पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने पर शनिवार को चिंता व्यक्त की और उसे तत्काल रिहा करने की मांग की।

‘टाइम्स नाउ’ की भावना किशोर पंजाब में रिपोर्टिंग के लिए गई थीं, वहां एक दुर्घटना के बाद पुलिस द्वारा उन्हें हिरासत में ले लिया गया।

गिल्ड ने एक बयान में कहा कि महिला कर्मियों की मौजूदगी के बिना एक पुलिसकर्मी उन्हें एक कार में ले गया, जो स्थापित प्रक्रियाओं के विपरीत है।

लुधियाना पुलिस थाने में रिपोर्टर के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी ‘‘कुछ ज्यादा और अनुचित जल्दबाजी वाली’’ प्रतीत होती है।

गिल्ड ने कहा, ‘‘ईजीआई ने पंजाब सरकार से पत्रकार को हिरासत से रिहा करने और अपनी पुलिस को स्थापित प्रक्रियाओं का पालन करने का निर्देश देने का आग्रह किया है।’’

इसमें कहा गया है कि रिपोर्टर एक अपना कार्य कर रही थीं, कानून प्रवर्तन एजेंसियों को हिरासत में लेने और बाद में प्राथमिकी दर्ज करने के संबंध में उचित संयम बरतना चाहिए था।

इंडियन वूमेंस प्रेस कॉर्प्स (आईडब्ल्यूपीसी), नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स (इंडिया) और प्रेस क्लब ऑफ इंडिया (पीसीआई) ने रिपोर्टर, उनके कैमरापर्सन और उनकी कार के चालक की गिरफ्तारी की निंदा की।

आईडब्ल्यूपीसी ने एक बयान में कहा, ‘‘आईडब्ल्यूपीसी रिपोर्टर, कैमरामैन और चालक को तत्काल छोड़ने की मांग करता है।’’

आईडब्ल्यूपीसी ने कहा, ‘‘चूंकि पत्रकारों को हिरासत में लिए जाने के दौरान महिला पुलिसकर्मी मौजूद नहीं थीं, इसलिए हम अधिकारियों से आग्रह करते हैं कि एक महिला को गिरफ्तार करते समय पालन किए जाने वाले पुलिस मानदंडों का पालन नहीं करने के लिए दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।’’

पीसीआई ने रिपोर्टर की गिरफ्तारी को "एक पत्रकार के अधिकारों पर ज़बरदस्त हमला" करार दिया।

इसमें कहा गया है, ‘‘हम पंजाब पुलिस द्वारा रिपोर्टर के खिलाफ लगाए गए फर्जी और असंतुलित आरोपों को तत्काल वापस लेने की मांग करते हैं और इस मामले में पंजाब के मुख्यमंत्री के हस्तक्षेप की मांग करते हैं।’’

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