नयी दिल्ली, दो जुलाई प्रवर्तन निदेशालय ने राजस्थान में इथेनॉल और स्पिरिट बनाने वाली एक कंपनी और उसके प्रवर्तकों के खिलाफ पर्यावरण के नियमों और कानूनों के कथित उल्लंघन के लिए पीएमएलए के तहत एक आरोपपत्र दाखिल किया है ।
केंद्रीय एजेंसी ने जयपुर में विशेष पीएमएलए (धन शोधन रोकथाम कानून) अदालत में अभियोजन शिकायत (आरोपपत्र) दाखिल किया है । इसमें राज्य के सीकर जिले के अजीतगढ़ में स्थित एग्रीबायोटेक इंडस्ट्रीज लिमिटेड और इसके प्रबंध निदेशकों गिरधर गोपाल बजोरिया और आशुतोष बजोरिया का नाम आरोपी के तौर पर शामिल किया गया है।
ईडी ने कहा है कि राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा दो आपराधिक शिकायतों के आधार पर मामले में उसने जांच का फैसला किया। जल प्रदूषण रोकथाम कानून 1974 और पर्यावरण संरक्षण कानून 1986 के तहत आरोपियों के खिलाफ शिकायत की गयी थी।
एजेंसी के मुताबिक जांच में पाया गया कि कंपनी को रोजाना 45,000 लीटर अतिरिक्त प्राकृतिक अल्कोहल (ईएनए) और संवर्धित स्पिरिट (आरएस) के उत्पादन की अनुमति दी गयी लेकिन उसने 65,000 लीटर से ज्यादा का उत्पादन किया ।
ईडी ने आरोप लगाया, ‘‘दिसंबर 2007 से जुलाई 2012 के बीच अवैध तौर पर अतिरिक्त 1,38,08,304 लीटर का उत्पादन किया गया। कंपनी ने इस अवधि में अवैध तरीके से 8.3 करोड़ रुपये की कमायी की।’’
एजेंसी ने एक बयान में कहा कि जांच में पाया गया कि कंपनी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के दिशा-निर्देशों के तहत ईटीपी (प्रवाह निस्तारण संयंत्र) का भी कार्य नहीं कर रही थी । इससे कंपनी को अवैध तौर पर 8.20 लाख रुपये का लाभ हुआ ।
इससे पहले ईडी ने एसपी-156, रीको औद्योगिक क्षेत्र अजीतगढ़ (सीकर जिला) में कंपनी की फैक्टरी को भी सील कर दिया था।
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