कोलकाता, दो मार्च पश्चिम बंगाल में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस ने कहा है कि निर्वाचन आयोग का रविवार का बयान दिया कि ‘दोहराव वाले अनुक्रमांक’ का मतलब जरूरी नहीं कि फर्जी मतदाता हों, वह एक पार्टी विशेष की मदद के लिए राज्य की मतदाता सूची में गैर-निवासी मतदाताओं को शामिल करने के उसके दावे को पुष्ट करता है।
दो अलग-अलग राज्यों में मतदाताओं को एक जैसे मतदाता पहचान पत्र संख्या जारी किए जाने की खबरों के बीच निर्वाचन आयोग ने एक बयान में कहा कि कुछ मतदाताओं के मतदाता फोटो पहचान पत्र (ईपीआईसी) अनुक्रमांक ‘एक समान हो सकते हैं’, लेकिन जनसांख्यिकीय जानकारी, विधानसभा क्षेत्र और मतदान केंद्र जैसे अन्य विवरण अलग-अलग हो सकते हैं।
निर्वाचन आयोग ने कहा, ‘‘ईपीआईसी अनुक्रमांक के बावजूद, कोई भी मतदाता अपने राज्य या केंद्र शासित प्रदेश में अपने संबंधित निर्वाचन क्षेत्र में केवल अपने निर्दिष्ट मतदान केंद्र पर ही वोट डाल सकता है, जहां उसका नाम मतदाता सूची में दर्ज है, कहीं और नहीं।’’
तृणमूल के प्रदेश महासचिव कुणाल घोष ने संवाददाताओं से कहा कि निर्वाचन आयोग का बयान ‘‘हमारे दावों की पुष्टि करता है कि मतदाता सूची में ऐसे नाम हैं, जो पिछले चुनाव के समापन के बाद शामिल किए गए थे। इसका लक्ष्य भाजपा को अधिक वोट दिलाने में मदद करना है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘ये नाम निर्वाचन क्षेत्र के स्थायी निवासियों की सूची से मेल नहीं खाते हैं और इनका लक्ष्य केंद्र में सत्तारूढ़ पार्टी की मदद करना है। हमारी (पार्टी की) सुप्रीमो ममता बनर्जी ने कुछ दिन पहले ही इस विसंगति की ओर ध्यान दिलाया था।’’
उन्होंने कहा कि तृणमूल नेता और सदस्य मतदाता सूचियों को खंगालने और उनका भौतिक सत्यापन करने के लिए अपने-अपने क्षेत्रों का दौरा कर रहे हैं।
उन्होंने दावा किया, ‘‘लेकिन तमाम कोशिशों के बावजूद, भाजपा बंगाल में अपनी पैठ बनाने में सफल नहीं होगी। लोग उन्हें फिर नकार देंगे।’’
भाजपा प्रवक्ता समिक भट्टाचार्य ने कहा कि तृणमूल कांग्रेस ‘अगले विधानसभा चुनाव में सत्ता खोने से डरी हुई है, क्योंकि वह आतंक, धमकी और फर्जी मतदान के माध्यम से जनादेश में हेरफेर करने में सक्षम नहीं होगी।’’
निर्वाचन आयोग ने कहा, ‘‘किसी भी आशंका को दूर करने के लिए, आयोग ने पंजीकृत मतदाताओं को विशिष्ट ईपीआईसी अनुक्रमांक का आवंटन सुनिश्चित करने का निर्णय लिया है। दोहराव वाले ईपीआईसी अनुक्रमांक के किसी भी मामले को विशिष्ट ईपीआईसी अनुक्रमांक आवंटित करके ठीक किया जाएगा।’’
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