ताजा खबरें | आर्थिक स्थिति चर्चा छह अंतिम रास

उन्होंने कहा कि लेकिन आज कृषि क्षेत्र संकट में है और लघु व सूक्ष्म उद्योग उबर नहीं पा रहे हैं। उन्होंने कहा कि कोरोना के दौर में कई उद्यम बंद हो गए, कई आज भी संघर्ष कर रहे हैं लेकिन सरकार की तरफ से सिर्फ घोषणाएं की गईं, जमीनी स्तर पर प्रयास नहीं किए गए।

कुपोषण और विभिन्न बीमारियों से महिलाओं की मौत पर चिंता जताते हुए उन्होंने कहा कि सिर्फ महिला आरक्षण कानून बना देने से वे सशक्त नहीं होंगी बल्कि उनके लिए ठोस प्रयास किए जाने की आवश्यकता है।

उन्होंने कहा, ‘‘अर्थव्यवस्था की स्थिति वैसी नहीं है जैसा सरकार की ओर से बताया जा रहा है।’’

केरल कांग्रेस सदस्य जोस के मणि ने बेरोजगारी को सबसे बड़ी समस्या बताया और कहा कि मजदूर हों या किसान, आज समाज का एक बड़ा वर्ग अपनी आवश्यकताओं को भी पूरा नहीं कर पा रहा है।

उन्होंने केंद्र सरकार को औद्योगिक घरानों के हित में काम करने का आरोप लगाया और कहा कि विकास गरीबों, किसानों और मजदूरों के एवज में नहीं होना चाहिए।

मणि ने कहा कि देश में किसान आज भी आत्महत्या कर रहे हैं जो चिंता की बात है और इससे स्पष्ट होता है कि सरकार की नीतियां उनके अनुकूल नहीं हैं।

एमडीएमके सदस्य वाइको ने कहा कि सरकार जिस विकास के ढोल पीट रही है वह नौकरीविहीन है। उन्होंने कहा कि देश में बेरोजगारी बढ़ रही है, कृषि संकट गहरा रहा है और जिन किसानों की आय दोगुनी करने का इस सरकार ने वादा किया था, वे आत्महत्या कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि आज बैंक संकट के दौर से गुजर रहे हैं और उनकी गैर निष्पादित संपत्तियां (एनपीए) बढ़ रही है जबकि सरकार अमीरों के ऋण माफ कर रही है।

भाजपा के समीर उरांव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश की अर्थव्यवस्था आज पांचवें स्थान पर पहुंची है और जल्द ही देश विश्व के शीर्ष तीन अर्थव्यवस्थाओं में शुमार होगा।

तमिल मनीला कांग्रेस (एम) सदस्य जी के वासन ने तमिलनाडु में चक्रवात से हुए नुकसान का मुद्दा उठाया और केंद्र सरकार से वहां राहत व बचाव कार्य करने के लिए केंद्रीय कोष जारी करने की मांग की।

भाजपा के राकेश सिन्हा ने कहा कि पहले की सरकारें गरीबी हटाने का नारा देती थीं लेकिन मोदी सरकार ने अपनी नीतियों से गरीबी को खत्म करने का काम किया। केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं से आम जन को मिल रहे लाभों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि देश आज प्रगति के पथ पर है और वैश्विक संस्थाएं भी इसे कबूल कर रही हैं।

सभापति जगदीप धनखड़ ने कहा कि इस चर्चा में भाग लेने वाले वक्ताओं की सूची में अभी नौ नाम बाकी हैं और मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस सहित कई दलों ने अनुरोध किया है कि कुछ और सदस्य चर्चा में भाग लेने के इच्छुक हैं। उन्होंने कहा कि वह उन सदस्यों को भी चर्चा में शामिल होने का अवसर प्रदान करेंगे। उन्होंने सदन में घोषणा की कि इस विषय पर कल भी सदन में चर्चा जारी रहेगी।

ब्रजेन्द्र

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