देश की खबरें | पूर्वी लद्दाख विवाद भारत व चीन को द्विपक्षीय तरीके से हल करना है : आस्ट्रेलिया
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नयी दिल्ली, एक जून पूर्वी लद्दाख में भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच गतिरोध कायम रहने के बीच ऑस्ट्रेलिया ने सोमवार को कहा कि यह मुद्दा भारत और चीन को द्विपक्षीय तरीके से सुलझाना है और इसमें किसी अन्य देश के लिए कोई भूमिका नहीं है।

इसके साथ ही ऑस्ट्रेलियाई उच्चायुक्त बैरी ओ फैरेल ने कहा कि उनकी सरकार दक्षिण चीन सागर में चीन की बढ़ती आक्रामकता के साथ-साथ अपने नागरिकों के व्यापक विरोध के बावजूद हांगकांग में सुरक्षा कानून लागू करने की चीन की योजना से चिंतित है।

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भारत-ऑस्ट्रेलिया द्विपक्षीय संबंधों पर उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके ऑस्ट्रेलियाई समकक्ष स्कॉट मॉरिसन के बीच बृहस्पतिवार को होने वाले ऑनलाइन शिखर सम्मेलन में कई समझौतों को अंतिम रूप दिए जाने की उम्मीद है। इनमें गहरे रक्षा सहयोग के लिए परस्पर साजोसामान समझौता भी शामिल है।

उन्होंने पत्रकारों के एक समूह से ऑनलाइन ब्रीफिंग में कहा, "दोनों नेताओं के आभासी शिखर सम्मेलन में, आप ऑस्ट्रेलिया-भारत के रिश्ते को ऐतिहासिक ऊंचाइयों पर पहुंचते हुए देखेंगे...।’’

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फैरेल ने कहा कि वार्ता में सार्वजनिक स्वास्थ्य, शिक्षा, विज्ञान और प्रौद्योगिकी सहयोग, साइबर सुरक्षा और महत्वपूर्ण प्रौद्योगिकी और रक्षा जैसे क्षेत्रों में सहयोग को बढ़ावा देने पर जोर दिया जाएगा।

उन्होंने कहा कि वार्ता में द्विपक्षीय समुद्री सुरक्षा को बढ़ाने के साथ ही हिंद-प्रशांत क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर भी चर्चा की जा सकती है।

पूर्वी लद्दाख में भारत और चीन के बीच मौजूदा सैन्य गतिरोध के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, "चीन और भारत को यह मुद्दा द्विपक्षीय रूप से हल करना है। यह ऑस्ट्रेलिया या किसी अन्य देश के लिए कोई मुद्दा नहीं है।’’

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