नयी दिल्ली, चार जून दक्षिणी दिल्ली के एक बार में हंगामे में द्वारका के उपायुक्त शंकर चौधरी के शामिल होने का आरोप लगने के बाद दिल्ली के पुलिस आयुक्त राकेश अस्थाना ने शनिवार को उन्हें तत्काल प्रभाव से ड्यूटी से हटाने का आदेश दिया।
सामान्य डायरी प्रविष्टि के अनुसार शुक्रवार रात को एक निजी जन्मदिन पार्टी में टूटे शीशे सिर में लगने से एक महिला घायल हो गयी थी, उसके पति ने बाद में पुलिस बुलायी और पुलिस उपायुक्त पर इसमें शामिल रहने का आरोप लगाया ।
बाद में महिला ने दावा किया कि अधिकारी का नाम ‘गलतफहमी’ के कारण आ गया। एक कथित वीडियो में उसने कहा कि यह मामला निजी था और इसे सुलझा लिया गया है।
पुलिस ने मामले की अंदरूनी जांच शुरू की। एक आदेश में अस्थाना के कार्यालय ने कहा , ‘‘ 2011 के आईपीएस अधिकारी शंकर चौधरी को तत्काल प्रभाव से दिल्ली के पुलिस उपायुक्त (द्वारका) पद से मुक्त किया जाता है और उन्हें अगले आदेश तक पुलिस मुख्यालय में रिपोर्ट करने का निर्देश दिया जाता है।’’
पुलिस के अनुसार ग्रेटर कैलाश थाने को सूचना मिली थी कि दिल्ली पुलिस के एक डीसीपी स्तर के अधिकारी ने कैलाश कॉलोनी में एक निजी क्लब में जन्मदिन पार्टी में एक महिला पर हमला किया।
पुलिस के अनुसार टूटे शीशे के गिरने से महिला घायल हा गयी, किसी गलतफहमी से डीसीपी का नाम सामने आ गया।
पुलिस ने कहा कि इस मामले को सुलझा लिया गया है क्योंकि यह पारिवारिक विषय था।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)













QuickLY