नयी दिल्ली, 18 सितंबर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से संबद्ध अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने आगामी दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ (डूसू) के चुनाव के लिए सोमवार को अपना घोषणापत्र जारी किया।
एबीवीपी ने अपने घोषणापत्र में ट्रांसजेंडरों सहित हाशिए पर रहने वाले छात्रों के लिए अधिक छात्रवृत्ति, शिक्षा लागत में निष्पक्षता और छात्रों के लिए सस्ती मेट्रो यात्रा सुनिश्चित करने के लिए काम करने का वादा किया है।
छात्र समूह ने अपने घोषणापत्र के जरिए विश्वविद्यालय के लिए समर्पित विशेष बसों के कार्यान्वयन और प्रत्येक कॉलेज में नए छात्रावास और लड़कियों के छात्रावास के निर्माण की भी वकालत की है।
एबीवीपी ने छात्रों को अपनी शिक्षा के साथ-साथ कमाने के अवसर प्रदान करने के लिए 'अर्न व्हाइल लर्न' (पढ़ाई के साथ कमाई) नीति पेश करने का भी वादा किया।
एबीवीपी की ओर से अध्यक्ष पद के उम्मीदवार तुषार डेढा ने कहा, ‘‘ एबीवीपी के नेतृत्व वाले पिछले डूसू ने छात्रों की चिंताओं को गंभीरता से लिया और उनका समाधान करने की कोशिश की। हम फीस वृद्धि, छात्रावास के बुनियादी ढांचे का विस्तार करने और मानसिक स्वास्थ्य को प्राथमिकता देने जैसे मुद्दों का समाधान करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। ’’
एबीवीपी की ओर से सचिव पद की उम्मीदवार अपराजिता ने कहा कि छात्रों का समूह महिला छात्रों के लिए आत्मरक्षा प्रशिक्षण, वेंडिंग मशीनों के माध्यम से सैनिटरी पैड वितरण, हर छात्रावास के पास गुलाबी बूथ, कॉलेज परिसर के अंदर और बाहर सीसीटीवी कैमरे लगाना तथा लैंगिक जागरुकता शिविर जैसी विशेष पहल पर भी ध्यान दिया जाएगा।
एबीवीपी ने 22 सितंबर के दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ चुनावों के लिए पिछले सप्ताह अपने उम्मीदवारों की घोषणा की थी और यह विश्वास जताया था कि इसका समूह व्यापक रूप से जीत दर्ज करेगा।
दिल्ली विश्वविद्यालय में चार साल के अंतराल के बाद 22 सितंबर को चुनाव होंगे। आखिरी चुनाव 2019 में हुए थे।
कोविड-19 महामारी के कारण 2020 और 2021 में छात्र संघ चुनाव नहीं हो सके, जबकि शैक्षणिक कैलेंडर में संभावित व्यवधान के कारण 2022 में चुनाव नहीं हो सका।
डूसू के 2019 में हुए चुनाव में एबीवीपी ने चार में से तीन सीटें जीतीं। इस बार एबीवीपी की तरफ से तुषार डेढा को अध्यक्ष पद का उम्मीदवार बनाया गया है। उन्होंने सत्यवती कॉलेज से स्नातक किया है और फिलहाल बौद्ध अध्ययन में स्नातकोत्तर की पढ़ाई कर रहे हैं। वह 2015 में एबीवीपी से जुड़े थे।
सुशांत धनखड़ उपाध्यक्ष पद के लिये लड़ेंगे। हरियाणा से आने वाले धनखड़ राज्य स्तरीय शूटिंग चैंपियन भी हैं। सचिव पद के लिए चुनाव लड़ रहीं अपराजिता उत्तर प्रदेश के जौनपुर की रहने वाली हैं। धनखड़ और अपराजिता भी बौद्ध अध्ययन में स्नातकोत्तर की पढ़ाई कर रहे हैं।
एबीवीपी ने सचिन बैसला को संयुक्त सचिव पद के लिये अपना उम्मीदवार बनाया है। वह भी बौद्ध अध्ययन में स्नातकोत्तर की पढ़ाई कर रहे हैं।
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