देश की खबरें | महामारी के दौरान 38 प्रतिशत छात्रों को घर पर पढ़ाई करने में कठिनाई आई : रिपोर्ट

नयी दिल्ली, 25 मई कोरोना वायरस महामारी के दौरान देश में 38 प्रतिशत छात्रों को घर पर पढ़ाई करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ा, जबकि 24 प्रतिशत छात्रों को कोई डिजिटल उपकरण उपलब्ध नहीं थे। शिक्षा मंत्रालय की राष्ट्रीय उपलब्धि सर्वेक्षण रिपोर्ट 2021 में यह बात सामने आई है।

रिपोर्ट में महामारी के दौरान घर पर पठन-पाठन के खंड में कहा गया है कि 45 प्रतिशत छात्रों के लिये घर पर पढ़ना आनंददायक रहा जबकि 38 प्रतिशत छात्रों को घर पर पढ़ाई करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ा।

इसमें कहा गया है कि महामारी के दौरान 24 प्रतिशत छात्रों को घर पर कोई डिजिटल उपकरण उपलब्ध नहीं हुए।

सर्वेक्षण में 50 प्रतिशत छात्रों को घर और स्कूल में पढ़ाई करने में कोई अंतर नहीं महसूस हुआ। इस अवधि में 78 प्रतिशत छात्रों के लिये काफी एसाइनमेंट मिलना बोझ का कारण बन गया ।

राष्ट्रीय उपलब्धि सर्वेक्षण रिपोर्ट के अनुसार, राष्ट्रीय स्तर पर 87 प्रतिशत स्कूलों ने अभिभावकों को यह बताया कि बच्चों को पठन पाठन में कैसे सहयोग करें । वहीं, 7 प्रतिशत स्कूलों में शिक्षकों के अनुपस्थित रहने की बात भी सामने आई ।

सर्वेक्षण में 17 प्रतिशत स्कूलों में कक्षा में पर्याप्त जगह की कमी की बात सामने आई।

मंत्रालय के अनुसार, राष्ट्रीय उपलब्धि सर्वेक्षण 2021 का आयोजन शिक्षा मंत्रालय के स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग ने किया था । इसका मकसद तीसरी, पांचवी, आठवीं एवं दसवीं कक्षा के छात्रों के पठन पाठन एवं सीखने सहित स्कूली शिक्षा प्रणाली की स्थिति का मूल्यांकन करना था ।

इस सर्वेक्षण में ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्र के 1.18 लाख स्कूलों के 34 लाख छात्रों ने हिस्सा लिया।

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