नयी दिल्ली, 28 जुलाई आयकर विभाग ने तमिलनाडु के दो कारोबारी समूहों के ठिकानों पर हाल में की गई छापेमारी के दौरान करीब 150 करोड़ रुपये की ‘अघोषित’ आय का पता लगाया है।
केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने बृहस्पतिवार को बताया कि इनमें से एक समूह रियल एस्टेट कारोबार से जुड़ा है जबकि दूसरा समूह रेल और सड़क निर्माण का ठेका लेता है।
आयकर विभाग ने बताया कि 20 जुलाई को मदुरै और चेन्नई स्थित दोनों समूहों के करीब 30 परिसरों में की गई छापेमारी के दौरान 14 करोड़ की अघोषित नकदी और 10 करोड़ रुपये का सोना एवं जेवरात जब्त किए गए हैं।
सीबीडीटी ने हालांकि, दोनों समूहों के नाम उजागर नहीं किए हैं।
सीबीडीटी ने बयान में कहा, ‘‘रियल एस्टेट के कारोबार से जुड़े समूह के पास से मिले सबूत से पता चला है कि वह बड़े पैमाने पर कर चोरी में संलिप्त है और बड़ी राशि नकदी में लेता था।’’
बयान में कहा गया, ‘‘समूह अघोषित नकदी के लेनदेन का समानांतर लेखाजोखा रखने के लिए सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल करता था।’’ .
केंद्रीय एजेंसी ने बताया कि निर्माण ठेका लेने वाले दूसरे समूह की जांच में खुलासा हुआ कि वह फर्जी उप ठेका खर्च और कच्चे माल की अधिक कीमत पर खरीद दिखाकर कर चोरी करता था।
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