देश की खबरें | यात्रा पाबंदियों, बाढ़ और कोविड चिंताओं के चलते कई उम्मीदवार नीट -जी की परीक्षा नहीं दे पायेंगे
एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

नयी दिल्ली, 30 अगस्त अगले महीने निर्धारित नीट परीक्षा की पूरी तैयारी के बावजूद इंजमाम अली अपने गृह राज्य बिहार में बाढ़ की स्थिति के कारण संभवत: परीक्षा देने में असमर्थ रहें ।

अली लाखों नीट उम्मीदवारों में शामिल है और वह चाहता है कि प्रतिस्पर्धी मेडिकल प्रवेश परीक्षा स्थगित की जाए।

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उन्होंने कहा, ‘‘ मैं बिहार के गोपालगंज से हूं और मेरा इलाका पिछले डेढ़ माह से बाढ़ प्रभावित है। सड़कें टूटी हुई हैं और बिजली गुल रहती है। मुझे नहीं लगता कि मैं परीक्षा दे पाऊंगा।’’

अली ने कहा कि उसने एक निजी ट्रासंपोर्टर से पटना ले चलने के बारे में पूछा था जहां उसका परीक्षा केंद्र है, लेकिन वह एक तरफ का किराया 10000 रूपये लेगा।’’

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निराश अली ने कहा, ‘‘ इसका मतलब है कि मैं परीक्षा देने पर 20,000 रूपये खर्च करूंगा। मेरे पिताजी किसान हैं और वह इतना खर्च नहीं कर पायेंगे।’’

उसने कहा कि उसने नीट परीक्षा देने के लिए कोटा में कोचिंग ली लेकिन शायद ही वह इस साल अपना सपना पूरा कर पाएगा।

उसने कहा, ‘‘ मेरे इलाके में नीट के 50 अन्य उम्मीदवार हैं और उन सभी के सामने यही मुद्दे हैं। हमारे यहां 10-15 दिनों से बिजली नहीं आ रही है। इसका मतलब है कि रात में पढ़ाई नहीं कर पाते हैं। हमारा बस इतना अनुरोध है कि परीक्षा स्थगित की जाए।’’

केरल की नीट प्रत्याशी श्री चांदना कोरेाना वायरस से संक्रमित पड़ोसी के संपर्क में आने के बाद पृथकवास में है। उसका क्षेत्र निषिद्ध क्षेत्र है और वहां कई बंदिशें हैं।

उसने कहा, ‘‘ नीट की परीक्षा की तैयारी के लिए मैंने दो साल मेहनत की और ऐसा जान पड़ता है कि इस साल भी मैं परीक्षा नहीं दे पाउंगी। ..’’

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