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जरुरी जानकारी | विदेशों में कमजोरी के रुख से सरसों, मूंगफली, सोयबीन सहित विभिन्न तेल कीमतों में गिरावट

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. सरकार द्वारा आयात शुल्क मूल्य में भारी कमी किये जाने और विदेशी बाजारों में गिरावट के रुख के कारण दिल्ली तेल-तिलहन बाजार में बृहस्पतिवार को सरसों, सोयाबीन और मूंगफली तेल के साथ-साथ कच्चे पामतेल (सीपीओ), बिनौला और पामोलीन तेल कीमतों में गिरावट का रुख रहा जबकि किसानों द्वारा कम भाव में बिक्री नहीं करने, बरसात के कारण नई फसल की मंडियों में आवक कम होने से सरसों, सोयाबीन और मूंगफली तिलहन कीमतें पूर्वस्तर पर ही बंद हुईं।

जरुरी जानकारी | विदेशों में कमजोरी के रुख से सरसों, मूंगफली, सोयबीन सहित विभिन्न तेल कीमतों में गिरावट

नयी दिल्ली, 15 सितंबर सरकार द्वारा आयात शुल्क मूल्य में भारी कमी किये जाने और विदेशी बाजारों में गिरावट के रुख के कारण दिल्ली तेल-तिलहन बाजार में बृहस्पतिवार को सरसों, सोयाबीन और मूंगफली तेल के साथ-साथ कच्चे पामतेल (सीपीओ), बिनौला और पामोलीन तेल कीमतों में गिरावट का रुख रहा जबकि किसानों द्वारा कम भाव में बिक्री नहीं करने, बरसात के कारण नई फसल की मंडियों में आवक कम होने से सरसों, सोयाबीन और मूंगफली तिलहन कीमतें पूर्वस्तर पर ही बंद हुईं।

बाजार सूत्रों ने कहा कि सरकार ने पामोलीन के आयात शुल्क मूल्य में 270 रुपये क्विंटल, सीपीओ में 87 रुपये और सोयाबीन डीगम में 62 रुपये प्रति क्विंटल की कमी की है।

सूत्रों ने कहा कि शिकॉगो एक्सचेंज कल रात दो प्रतिशत नीचे बंद हुआ था और आज इसमें कोई खास घटबढ़ नहीं है। जबकि मलेशिया एक्सचेंज में तीन प्रतिशत की गिरावट थी। विदेशी बाजारों के कमजोर होने से तेल-तिलहन कीमतों पर दबाव रहा।

सूत्रों ने कहा कि सरकार ने घरेलू बाजार में तेल आपूर्ति बढ़ाने के मकसद से दो वर्ष के लिए सूरजमुखी और सोयाबीन डीगम तेल के 20-20 लाख टन प्रतिवर्ष का शुल्कमुक्त आयात करने की अनुमति दी थी। लेकिन इसका अपेक्षित परिणाम मिलने के बजाय विपरीत परिणाम सामने आ रहे हैं।

उन्होंने कहा कि कांडला बंदरगाह पर सोयाबीन डीगम का भाव 1,285 डॉलर प्रति टन रह गया यानी सोयाबीन रिफाइंड तेल बंदरगाह पर लगभग 102 रुपये लीटर बैठता है पर उपभोक्ताओं को यही तेल खुदरा कारोबार में 140-145 रुपये लीटर पड़ रहा है। इसी प्रकार शुल्क छूट वाले सूरजमुखी का तेल कांडला बंदरगाह पर 1,400 डॉलर प्रति टन का भाव बैठता है यानी कांडला बंदरगाह पर इसका रिफाइंड तेल 111 रुपये लीटर बैठता है लेकिन खुदरा बाजार में उपभोक्ताओं को यही तेल 180-190 रुपये लीटर पड़ता है।

सूत्रों ने कहा कि सरकार के छूट देने के कदम से उपभोक्ताओं को तो कोई राहत नहीं मिल रही उल्टे देश को आयात शुल्क से जो लाभ मिल सकता था उसकी हानि हो रही है।

शुल्कमुक्त आयात होने के बावजूद खुदरा बाजार में उपभोक्ताओं को सोयाबीन रिफाइंड 25-30 रुपये लीटर तथा सूरजमुखी तेल के लिए 50-60 रुपये लीटर अधिक कीमत अदा करनी पड़ रही है। सरकार को खाद्य तेलों की आपूर्ति श्रृंखला को बनाये रखने के लिए सोयाबीन डीगम और सूरजमुखी तेल के आयात की सीमा को पूरी तरह खत्म कर देना चाहिये या पहले की तरह पांच प्रतिशत का आयात शुल्क लगा देना चाहिये।

सूत्रों ने कहा कि देश में खाद्य तेल उद्योग के प्रमुख संगठन सोपा ने खाद्य तेल-तिलहन का वायदा कारोबार खोलने के प्रति अपनी असहमति जताई है पर सिंडिकेट बनाकर खाद्य तेल का कारोबार करने वालों ने वायदा कारोबार की वकालत की है।

सूत्रों ने कहा कि खाद्य तेलों का वायदा कारोबार नहीं खोला जाना चाहिये नहीं तो खाद्य तेल उद्योग और किसान संकट के रास्ते पर होंगे। सिंडिकेट बनाकर कारोबार करने वाले व्यापारी, किसानों को सस्ते में अपनी उपज बेचने को मजबूर करते हैं और बाद में वायदा कारोबार में उनकी मनमानी चलती है जिस कारण पिछले साल अगस्त में खरीद भाव के मुकाबले वायदा कारोबार में सोयाबीन का भाव लगभग ढाई गुना हो गया था।

बृहस्पतिवार को तेल-तिलहनों के भाव इस प्रकार रहे:

सरसों तिलहन - 6,730-6,780 (42 प्रतिशत कंडीशन का भाव) रुपये प्रति क्विंटल।

मूंगफली -7,170-7235 रुपये प्रति क्विंटल।

मूंगफली तेल मिल डिलिवरी (गुजरात) - 16,750 रुपये प्रति क्विंटल।

मूंगफली सॉल्वेंट रिफाइंड तेल 2,745 - 2,935 रुपये प्रति टिन।

सरसों तेल दादरी- 13,500 रुपये प्रति क्विंटल।

सरसों पक्की घानी- 2,145-2,235 रुपये प्रति टिन।

सरसों कच्ची घानी- 2,175-2,290 रुपये प्रति टिन।

तिल तेल मिल डिलिवरी - 18,000-19,500 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन तेल मिल डिलिवरी दिल्ली- 12,400 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन मिल डिलिवरी इंदौर- 12,250 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन तेल डीगम, कांडला- 10,700 रुपये प्रति क्विंटल।

सीपीओ एक्स-कांडला- 8,330 रुपये प्रति क्विंटल।

बिनौला मिल डिलिवरी (हरियाणा)- 12,400 रुपये प्रति क्विंटल।

पामोलिन आरबीडी, दिल्ली- 10,100 रुपये प्रति क्विंटल।

पामोलिन एक्स- कांडला- 9,000 रुपये (बिना जीएसटी के) प्रति क्विंटल।

सोयाबीन दाना - 5,400-5,500 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन लूज 5,350- 5,450 रुपये प्रति क्विंटल। 50 रुपये तेज

मक्का खल (सरिस्का) 4,010 रुपये प्रति क्विंटल।

राजेश

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(The above story first appeared on LatestLY on Sep 15, 2022 06:14 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).