आइजोल, 15 जनवरी मिजोरम के पूर्व मुख्यमंत्री जोरामथंगा ने सोमवार को कहा कि वह 80 वर्ष का हो जाने के कारण जल्द ही सक्रिय राजनीति से संन्यास ले लेंगे।
विधानसभा में विपक्षी दल मिजो नेशनल फ्रंट (एमएनएफ) के अध्यक्ष जोरामथंगा ने कहा कि उन्होंने पार्टी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष तावंलुइया से इस बारे में चर्चा की है और हम दोनों ने निर्णय लिया है कि पार्टी उनके बिना भी जारी रहनी चाहिए।
आइजोल में पार्टी कार्यालय के उद्घाटन के बाद उन्होंने एमएनएफ कार्यकर्ताओं से कहा, ‘‘हमने इस मामले पर चर्चा की है और इस बात पर सहमत हुए हैं कि पार्टी हमारी उपस्थिति के बिना भी जारी रहनी चाहिए क्योंकि हम दोनों 80 वर्ष के हो गए हैं। हमने अपनी पार्टी के नेताओं को अपनी सेवानिवृत्ति के बारे में भी सूचित कर दिया है।’’
उन्होंने कहा कि पार्टी नेता जल्द ही एक ‘नयी व्यवस्था’ की घोषणा करेंगे। जोरामथंगा ने कहा कि एमएनएफ पदाधिकारियों का मौजूदा कार्यकाल पहले ही समाप्त हो चुका है। पूर्व मुख्यमंत्री और तावंलुइया ने पार्टी नेतृत्व से अनुरोध किया है कि उन्हें नयी जिम्मेदारियां नहीं दी जाएं।
विधानसभा चुनाव में पार्टी की हार के बाद जोरामथंगा ने पांच दिसंबर को एमएनएफ अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया था। हालांकि, पार्टी नेतृत्व ने उनका इस्तीफा नामंजूर कर दिया था।
जेडपीएम ने सात नवंबर को हुए चुनाव में एमएनएफ को पराजित कर दिया। एमएनएफ को राज्य विधानसभा की 40 में से केवल 10 सीट मिली।
वर्ष 1990 में लालडेंगा की मृत्यु के बाद से जोरामथंगा एमएनएफ अध्यक्ष का पद संभाल रहे हैं। लालडेंगा ने पार्टी की स्थापना की और 1966 से 1986 तक अलगाववादी आंदोलन का नेतृत्व किया।
जोरामथंगा 1966 में एमएनएफ के नेतृत्व वाले भूमिगत आंदोलन में शामिल हुए और 1969 में जब संगठन ने अपना आधार पूर्वी पाकिस्तान (अब बांग्लादेश) में स्थानांतरित कर लिया तो वह अध्यक्ष के सचिव बन गए।
जोरामथंगा वर्ष 1979 में एमएनएफ के उपाध्यक्ष बने। वह छह बार 1987, 1989, 1993, 1998, 2003 और 2018 में विधायक चुने गये। उन्होंने मुख्यमंत्री के रूप में तीन कार्यकाल (वर्ष 1998 से 2008 और 2018 से 2023) पूरे किये।
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