नयी दिल्ली, 16 अगस्त दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) का नया शैक्षणिक सत्र बुधवार को शुरू हुआ। विश्वविद्यालय का उत्तरी परिसर सत्र के पहले दिन नए विद्यार्थियों से गुलजार रहा है।
कोरोना वायरस महामारी के कारण अस्त व्यस्त हुआ विश्वविद्यालय का शैक्षणिक कैलेंडर इस साल से पटरी पर लौट आया है।
अपनी जिंदगी में कॉलेज के सुनहरे सफर की शुरुआत करने जा रहे नए विद्यार्थियों के चेहरे पर जिज्ञासा और उत्साह का भाव था। शैक्षणिक सत्र की शुरुआत डीयू के सभी कॉलेजों में ‘ओरिएंटेशन’ कार्यक्रम के साथ हुई।
इन कार्यक्रमों में शिक्षकों ने प्रथम वर्ष के विद्यार्थियों को शैक्षणिक पाठ्यक्रम के बारे में जानकारी दी जबकि वरिष्ठ विद्यार्थियों ने इस मौके का इस्तेमाल नए विद्यार्थियों का परिचय लेने के लिए किया। साथ में उन्हें, कॉलेज के नियमों और रैगिंग विरोधी नीति के बारे में जानकारी दी। कॉलेज सोसाइटी ने नए विद्यार्थियों को पाठ्येतर गतिविधियों में शामिल होने और उनमें सक्रिय रूप से भाग लेने के लिए प्रेरित करने के वास्ते स्टॉल लगाए।
कई विद्यार्थी कॉलेज के पहले दिन अपने माता-पिता के साथ आए। कुछ विद्यार्थियों के माता पिता इस बात पर गर्व महसूस कर रहे थे कि उनके बच्चों का केंद्रीय विश्वविद्यालय के प्रतिष्ठित महाविद्यालयों में दाखिला हुआ है जबकि कुछ अभिभावक अपने बच्चों के लिए उचित निवास स्थान को लेकर चिंतित दिखे।
विद्यार्थियों को आवास तलाशने में मदद करने के लिए भारतीय राष्ट्रीय छात्र संघ (एनएसयूआई), स्टूडेंट फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई) और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) जैसे छात्र संगठनों ने कई हेल्प डेस्क स्थापित किए थे।
परिसर में बुधवार को पुलिस की काफी मौजूदगी देखी गई। पुलिसकर्मियों को नए विद्यार्थियों को उनके कॉलेजों का रास्ता बताते हुए भी देखा गया।
पूरे परिसर में छात्र नेताओं के बड़े बैनर ने नए छात्रों का स्वागत किया। छात्र संघ निकायों ने आगामी दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ चुनाव के लिए रैलियां और अभियान आयोजित किए। डीयू में बीते तीन साल में कोविड के कारण छात्र संघ चुनाव नहीं हुए हैं।
दिल्ली विश्वविद्यालय के सबद्ध महाविद्यालयों में विद्यार्थियों का दाखिला राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित संयुक्त विश्वविद्यालय प्रवेश परीक्षा (सीयूईटी) के माध्यम से हुआ है।
रामजस कॉलेज में बीएससी गणित की पढ़ाई कर रही 19 वर्षीय अदिति बिड़ला ने कहा, ‘‘ओरिएंटेशन के साथ-साथ हमारा एक ‘तिलक’ समारोह भी था, जहां वरिष्ठों ने हमें पाठ्यक्रम और कॉलेज सोसायटी के बारे में जानकारी दी। एबीवीपी ने हमसे संपर्क किया और आगामी चुनावों में वोट देने का आग्रह किया।”
एसएफआई (स्टूडेंट फेडरेशन ऑफ इंडिया) से संबद्ध हिंदू कॉलेज में बीए दर्शनशास्त्र के तृतीय वर्ष के छात्र रोहित ने कहा, ‘‘हमने पीजी आवास के वास्ते छात्रों के लिए एक हेल्पलाइन शुरू की है। उन्हें भारी शुल्क नहीं देना होगा, क्योंकि हमने ऐसे आवासों की एक सूची तैयार की है और उसके लिए उन्हें ब्रोकरेज शुल्क भी नहीं देना होगा।’’
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