नयी दिल्ली, 12 जून दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) ने पाठ्येतर गतिविधियों (ईसीए) और खेल कोटा के तहत स्नातक पाठ्यक्रमों में दाखिले के नियमों में बदलाव किया है। इसके अनुसार किसी कॉलेज में कुल अधिसंख्य (सुपरन्यूमेरी) सीट के 20 प्रतिशत सीट पर इन श्रेणियों के तहत दाखिला दिया जाएगा। डीयू के एक अधिकारी ने सोमवार को यह जानकारी दी।
पिछले हफ्ते डीयू की कार्यकारी परिषद ने इस कदम को मंजूरी दी थी। हालांकि, परिषद के सदस्यों ने ईसीए और खेल कोटा को अधिसंख्य सीट का 2.5-2.5 प्रतिशत भारांक देने की विश्वविद्यालय की योजना को खारिज कर दिया।
डीयू के अधिकारी के मुताबिक कार्यकारी परिषद के सदस्यों ने कहा कि ऐसे कई कॉलेज हैं, विशेष रूप से सभी महिला संस्थान, जहां अधिसंख्य सीट पर ज्यादातर दाखिला ईसीए श्रेणी के तहत दिए जाते हैं, न कि खेल कोटा के तहत।
अधिसंख्य सीट किसी कॉलेज के लिए स्वीकृत सीट के अलावा होती हैं। अधिसंख्य सीटों पर दो श्रेणियां - ईसीए और खेल कोटा के तहत दाखिला दिया जाता है। किसी कॉलेज में अधिसंख्य सीट की अधिकतम संख्या उसकी कुल सीट के पांच प्रतिशत तक होती है।
डीयू के अधिकारी ने कहा, ‘‘ 2.5 प्रतिशत का प्रस्ताव लाकर हम समानता लाना चाहते थे। लेकिन कुछ सदस्यों ने बताया कि ऐसे महिला कॉलेज हैं जहां अधिसंख्य सीट ईसीए कोटे के तहत भरी जाती हैं। इसलिए, हमने फैसला किया कि प्रत्येक श्रेणी के तहत कम से कम एक प्रतिशत का प्रतिनिधित्व अनिवार्य होगा और कॉलेज बाकी सीट पर फैसला कर सकता है।’’
उन्होंने कहा कि दोनों श्रेणियों के तहत सीटों की संख्या की गणना अब पाठ्यक्रम-वार की जाएगी। पहले कॉलेज के स्तर पर इसकी गणना की जाती थी।
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