नयी दिल्ली, 30 जनवरी दिल्ली विधानसभा चुनाव से कुछ दिन पहले, आम आदमी पार्टी(आप) प्रमुख अरविंद केजरीवाल ने बृहस्पतिवार की घोषणा की कि उनकी पार्टी यदि सत्ता में लौटी तो सांसदों, मंत्रियों और सरकारी अधिकारियों के आधिकारिक आवासों पर काम करने वाले घरेलू सहायकों को ईडब्ल्यूएस (आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग) फ्लैट और काम के घंटे निर्धारित करने संबंधी नियमों सहित सात गारंटी दी जाएंगी।
इन गारंटी में पंजीकरण पोर्टल, वेतन विनियमन, 10 लाख रुपये का बीमा कवर और उनके बच्चों के लिए मुफ्त शिक्षा भी शामिल हैं।
केजरीवाल ने यहां एक संवाददाता सम्मेलन में दावा किया कि 70-80 प्रतिशत घरेलू सहायकों को वेतन नहीं दिया जाता, उनके साथ ‘‘बंधुआ मजदूर’’ जैसा व्यवहार किया जाता है और उन्हें केवल नौकरों के लिए बने क्वार्टर दिए जाते हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ सांसदों ने इन क्वार्टर में अपने घरेलू सहायकों को रखने के बजाय उन्हें किराए पर दे दिया है।
केजरीवाल ने कहा, ‘‘सबसे पहले, हम श्रमिकों को रोजगार के अवसरों से जोड़ने के लिए एक घरेलू सहायक पंजीकरण पोर्टल बनाएंगे।’’
उन्होंने कहा कि घरेलू सहायकों के लिए ‘होस्टल’ बनाए जाएंगे।
केजरीवाल ने कहा, ‘‘तीसरा, हम उनकी स्वास्थ्य सेवा के लिए मोबाइल मोहल्ला क्लीनिक स्थापित करेंगे।’’
उन्होंने कहा, ‘‘चौथा, उनके वेतन और काम के घंटों को विनियमित करने के लिए कानून बनाए जाएंगे। पांचवां, उन्हें 10 लाख रुपये का बीमा कवर दिया जाएगा। छठा, उनकी बेटियों की शादी के लिए एक लाख रुपये दिए जाएंगे और सातवां, उनके बच्चों को मुफ्त शिक्षा मिलेगी।’’
दिल्ली में विधानसभा चुनाव के लिए पांच फरवरी को मतदान होगा और नतीजे आठ फरवरी को घोषित किए जाएंगे।
पिछले एक दशक से दिल्ली पर सत्तारूढ़ ‘आप’ पार्टी का इस चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के साथ कड़ा मुकाबला है, जो 25 साल बाद दिल्ली में दोबारा सत्ता हासिल करने की कोशिश कर रही है।
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