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जरुरी जानकारी | घरेलू शेयर बाजार लगातार 10वें दिन उभार पर , वित्तीय शेयरों में तेजी

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. स्थानीय शेयर बाजारों में उतार चढ़ाव भरे कारोबार में बुधवार को लगातार 10वें दिन तेजी रही। बैंकिंग और वित्तीय क्षेत्र के शेयरों की तेजी ने सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) कंपनियों में हुई मुनाफावसूली के असर को कम करतु हुए प्रमुख सूचकांकों को लाभ की स्थिति में बनाए रखा।

जरुरी जानकारी | घरेलू शेयर बाजार लगातार 10वें दिन उभार पर , वित्तीय शेयरों में तेजी

मुंबई, 14 अक्टूबर स्थानीय शेयर बाजारों में उतार चढ़ाव भरे कारोबार में बुधवार को लगातार 10वें दिन तेजी रही। बैंकिंग और वित्तीय क्षेत्र के शेयरों की तेजी ने सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) कंपनियों में हुई मुनाफावसूली के असर को कम करतु हुए प्रमुख सूचकांकों को लाभ की स्थिति में बनाए रखा।

बीएसई का 30 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स में कारोबार के दौरान 600 अंक से अधिक के दायरे में घ्रट बढ़ रही। हालांकि कारोबार के समाप्त होने पर यह 169.23 अंक यानी 0.42 प्रतिशत बढ़कर 40,794.74 अंक पर बंद हुआ। इसी तरह एनएसई का निफ्टी भी 36.55 अंक यानी 0.31 प्रतिशत बढ़कर 11,971.05 अंक पर पहुंच गया।

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घरेलू शेयर बाजार लगातार 10वें दिन लाभ में रहे।

सेंसेक्स की कंपनियों में बजाज फिनसर्व में सर्वाधिक 3.87 प्रतिशत तक की तेजी रही। इसके अलावा बजाज फाइनेंस, आईसीआईसीआई बैंक, इंडसइंड बैंक, टाटा स्टील, एक्सिस बैंक, एलएंडटी एचडीएफसी और भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) के शेयरों में भी तेजी रही। दूसरी ओर, एनटीपीसी, ओएनजीसी, टेक महिंद्रा, पावरग्रिड, इंफोसिस और एचसीएल टेक के शेयरों में गिरावट रही।

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आईटी कंपनी इंफोसिस ने बाजार के बंद होने के बाद अपना तिमाही परिणाम घोषित किया। कंपनी ने कहा कि सितंबर तिमाही में उसका शुद्ध लाभ 20.5 प्रतिशत बढ़कर 4,845 करोड़ रुपये हो गया। कंपनी ने वित्त वर्ष 2020-21 के लिये राजस्व के पूर्वानुमान को भी 2-3 प्रतिशत बढ़ा दिया।

प्रतिकूल वैश्विक संकेतों के कारण प्रमुख सूचकांक शुरुआत में गिरावट में रहे। चार महीने के भीतर दूसरी बार अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) के द्वारा भारत की वृद्धि दर का अनुमान कम करने का भी निवेशकों की धारणा पर असर हुआ। हालांकि बैंकिंग व वित्तीय शेयरों में अचानक आयी तेजी ने बाजार की चाल बदल दी। इसके दम पर बाजार ने शुरुआती नुकसान की भरपाई कर ली। हालांकि आईटी, तेल एवं गैस और बिजली क्षेत्र ने धारणा पर नकारामक असर डाला।

रेलिगेयर ब्रोकिंग के उपाध्यक्ष (शोध) अजीत मिश्रा ने कहा, ‘‘बढ़त अपेक्षा के अनुसार है और हम आगे भी वृद्धि की उम्मीद करते हैं। प्रतिभागियों को आय की घोषणाओं के साथ-साथ वैश्विक बाजारों के संकेतों पर कड़ी निगरानी रखनी चाहिये।’’

बीएसई के समूहों में वित्त, बैंकिंग, रियल्टी, पूंजीगुत वस्तुओं और मूलभूत सामग्रियों में तेजी दर्ज की गयी। हालांकि यूटिलिटीज, बिजली, आईटी, प्रौद्योगिकी (टेक), तेल एवं गैस, चिकित्सा और वाहन समूह के शेयर गिरावट में रहे।

बीएसई के स्मॉलकैप में गिरावट रही, जबकि मिडकैप 0.50 प्रतिशत की बढ़त में रहा।

कोरोना वायरस महामारी के टीके की खबर तथा अमेरिका में राहत उपायों पर जारी बातचीत पर निवेशकों का ध्यान केंद्रित रहा। इसके चलते वैश्विक बाजारों में मिश्रित रुख रहा।

वैश्विक स्तर पर एशियाई बाजारों में हांगकांग के हैंगसेंग और दक्षिण कोरिया के कोस्पी में बढ़त दर्ज की गयी। हालांकि चीन के शंघाई कंपोजिट और जापान के निक्की गिरावट में रहे।

यूरोपीय बाजार शुरुआती कारोबार में बढ़त में चल रहे थे।

इस बीच, कच्चा तेल का अंतरराष्ट्रीय मानक ब्रेंट क्रूड 0.09 प्रतिशत की गिरावट के साथ 42.41 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल पर चल रहा था।

विदेशी मुद्रा बाजार में अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया चार पैसे बढ़कर 73.31 के स्तर पर बंद हुआ।

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(The above story first appeared on LatestLY on Oct 14, 2020 05:47 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).