नयी दिल्ली, 27 अगस्त दिल्ली मेट्रो रेल निगम (डीएमआरसी) ने वन विभाग के नोटिस के बाद बृहस्पतिवार को अपने चौथे चरण के तहत केशोपुर-पीरागढ़ी पट्टी पर काम रोक दिया। वन विभाग ने डीएमआरसी पर वन संरक्षण कानून, 1980 के उल्लंघन का आरोप लगाया।
डीएमआरसी के कार्यकारी निदेशक (कॉर्पोरेट कम्युनिकेशन्स) अनुज दयाल ने कहा, ‘‘हमने केशोपुर-पीरागढ़ी पट्टी पर काम रोक दिया है और सभी आवश्यक मंजूरियां मिलने के बाद काम फिर शुरू करेंगे।’’
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यह पट्टी 28.92 किलोमीटर लंबे जनकपुरी पश्चिम-आर के आश्रम मार्ग कॉरिडोर का हिस्सा है जो मजेंटा लाइन का विस्तार है।
हालांकि डीएमआरसी के एक अधिकारी ने कहा कि इस मुद्दे का समाधान निकालने के लिए बातचीत चल रही है।
पश्चिमी संभाग के उप वन संरक्षक के अनुसार डीएमआरसी ने विकास पुरी से पीरागढ़ी चौक के बीच रोड नंबर 26 की 5.34 किलोमीटर लंबी पट्टी पर तथा नजफगढ़ नाले के 1,300 वर्ग मीटर के हिस्से पर काम के लिए जरूरी अनुमति नहीं ली, जिसे वन्य क्षेत्र माना जाता है।
वन विभाग के अनुसार डीएमआरसी को फरवरी और अगस्त में कई नोटिस भेजे गये और उक्त हिस्सों पर कोई निर्माण कार्य नहीं करने को कहा गया।
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