नयी दिल्ली, 27 जनवरी द्रविड़ मुन्नेत्र कषगम (द्रमुक) ने सोमवार को कहा कि प्रस्तावित वक्फ (संशोधन) विधेयक संसद में पारित हो जाने पर वह इसके खिलाफ उच्चतम न्यायालय का रुख करेगी।
वक्फ (संशोधन) विधेयक पर चर्चा के लिए गठित संसद की संयुक्त समिति (जेपीसी) के सदस्य एवं द्रमुक सांसद ए. राजा ने कहा, ‘‘हम निश्चित रूप से (उच्चतम) न्यायालय जाएंगे। द्रमुक जाएगी, मैं खुद जाऊंगा।’’
समिति के अध्यक्ष भाजपा सांसद जगदंबिका पाल हैं।
समिति ने सोमवार को हुई एक बैठक में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सदस्यों द्वारा प्रस्तावित सभी संशोधनों को स्वीकार कर लिया और विपक्षी सदस्यों के संशोधनों को खारिज कर दिया।
राजा ने दावा किया कि प्रस्तावित कानून असंवैधानिक होगा और उनकी पार्टी इसके खिलाफ शीर्ष अदालत का रुख करेगी।
उन्होंने कहा कि समिति में प्रस्तुत किये गए दस्तावेज और उठाए गए प्रश्न विधेयक के अधिनियमित होने के बाद न्यायालय में इसे चुनौती देने में उपयोगी साबित होंगे।
लोकसभा सदस्य ने आरोप लगाया कि पाल ने कार्यवाही को जबरन बाधित किया जो कि एक ‘‘मजाक’’ के अलावा कुछ नहीं है।
राजा ने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि रिपोर्ट पहले से ही तैयार है।’’
पाल ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि उन्होंने समिति को 36 बैठकों और कई दौरों के माध्यम से सबसे लोकतांत्रिक तरीके से संचालित किया है।
सूत्रों ने बताया कि समिति बुधवार की बैठक में अपनी रिपोर्ट स्वीकार करेगी। बैठक में कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस, द्रमुक और एआईएमआईएम जैसे विपक्षी दलों के सदस्य अपनी असहमति जता सकते हैं।
उन्होंने कहा कि संसद का बजट सत्र 31 जनवरी से शुरू होने जा रहा है और भाजपा नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सत्र के पहले चरण में विधेयक पारित करा सकता है क्योंकि उसके पास लोकसभा और राज्यसभा दोनों में बहुमत है।
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