ताजा खबरें | राज्यसभा में द्रमुक ने की चिकित्सा न्यायाधिकरण गठित किए जाने की मांग

नयी दिल्ली, 19 दिसंबर राज्यसभा में सोमवार को द्रविड़ मुनेत्र कड़गम की एक सदस्य ने देश में चिकित्सा न्यायाधिकरण गठित किए जाने की मांग करते हुए कहा कि इससे न केवल चिकित्सा संबंधी अपराधों पर लगाम लगाई जा सकेगी बल्कि ऐसे मामलों का निस्तारण भी समय पर होगा।

द्रमुक सदस्य डॉ कनिमोझी एनवीएन सोमू ने शून्यकाल में उच्च सदन में यह मुद्दा उठाते हुए कहा कि भारत में मेडिकल संबंधी अपराधों के लिए एक न्यायाधिकरण होना चाहिए जिसमें चिकित्सा विज्ञान के विशेषज्ञों को शामिल किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि देश में अनेक क्षेत्रों के लिए न्यायाधिकरण हैं लेकिन चिकित्सा संबंधी अपराधों के मामलों की सुनवाई के लिए कोई न्यायाधिकरण नहीं है।

डॉ कनिमोझी ने कहा ‘‘अंतत: मामले सामान्य अदालतों में जाते हैं। वहां फैसले जो न्यायाधीश करते हैं, उन्हें चिकित्सा संबंधी मामूली जानकारी होती है।’’

उन्होंने कहा कि अदालतों में चिकित्सा संबंधी मामले लंबे खिंचने की वजह से डॉक्टर का करियर भी दांव पर लगता है और मरीज को भी न्याय के लिए लंबा इंतजार करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि डॉक्टर की लापरवाही से मरीज की जान तक जा सकती है लेकिन डॉक्टर के खिलाफ मुकदमा उपभोक्ता सुरक्षा कानून के तहत चलता है।

डॉ कनिमोझी ने कहा कि जिला उपभोक्ता फोरम में चिकित्सा विशेषज्ञों के अभाव में फैसला एकतरफा होता है।

उन्होंने कहा कि देश की आबादी को देखते हुए चिकित्सा न्यायाधिकरण का गठन बहुत जरूरी है। उन्होंने कहा ‘‘ऐसा होने पर चिकित्सा संबंधी मामलों का निपटारा जल्दी होगा और ऐसे अपराधों पर रोक लगाई जा सकती है। हालांकि न्यायाधिकरण का फैसला अंतिम नहीं होता और इसके खिलाफ उच्च अदालतों में जाया जा सकता है। फिर भी न्यायाधिकरण की व्यवस्था उपयोगी साबित होगी। ’’

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