आर्थिक दिक्कतों के चलते देश कर रहे लॉकडाउन में ढील देने के तरीकों पर चर्चा

कोरोना वायरस दुनिया में अब तक 22 लाख से अधिक लोगों को अपने संक्रमण की चपेट में ले चुका है जिसे रोकने के लिए अब तक कोई टीका नहीं खोजा जा सका है। इसे रोकने के उद्देश्य से विभिन्न देशों द्वारा लॉकडाउन लागू किए जाने से पूरी दुनिया को आर्थिक दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। कई जगह अनेक लोगों को अपनी नौकरी तक गंवानी पड़ी है।

कनाडा, ब्राजील, इटली और जर्मनी सहित 13 देशों के समूह ने अर्थव्यवस्था पर महामारी के असर को कम करने के लिए शनिवार को एक संयुक्त बयान में वैश्विक सहयोग का आह्वान किया।

उन्होंने कहा, ‘‘यह महत्वपूर्ण है कि जीवन और आजीविका बचाने के लिए हम मिलकर काम करें।’’

इस समूह में ब्रिटेन, फ्रांस, इंडोनेशिया, मेक्सिको, मोरक्को, पेरू, दक्षिण कोरिया, सिंगापुर और तुर्की भी शामिल हैं।

समूह ने कहा कि वह महामारी से उत्पन्न बाधाओं को कम करने तथा फिर से मजबूत बनाने के लिए जनस्वास्थ्य, यात्रा, व्यापार, आर्थिक और वित्तीय उपायों पर सभी देशों के साथ मिलकर काम करने को कटिबद्ध है।

देशों ने जोर देकर कहा कि चिकित्सा उपकरणों और सहायता सहित सामान का निरंतर प्रवाह तथा यात्रियों की घर वापसी सुनिश्चित करने के लिए ‘‘हवाई, जमीनी और समुद्री परिवहन संपर्क’’ को बनाए रखने की आवश्यकता है।

अमेरिका में प्रतिबंधों में ढील देने को लेकर राष्ट्रपति चुनाव से पहले दलीय आधार पर चर्चा शुरू हो गई है।

अमेरिका में यह मांग भी उठने लगी है कि कोरोना वायरस के चलते जारी किए गए ‘‘घर में रहने’’ के आदेश को वापस लिया जाए जिसकी वजह से लाखों लोग बेरोजगार हो गए हैं।

वहीं, स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि बंद में ढील लोगों की व्यापक जांच कर संक्रमित व्यक्तियों का पता लगाए जाने के साथ दी जानी चाहिए जिससे कि विषाणु के कहर को और बढ़ने से रोका जा सके।

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