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उत्तराखंड में विद्युत उपभोक्तओं को विलंब अधिभार भुगतान पर छूट

उन्होंने बताया कि विद्युत बिलों के आनलाइन भुगतान पर उपभोक्ताओं को एक प्रतिशत की छूट दिये जाने के अलावा, निजी नलकूप श्रेणी के तहत किसानों का अप्रैल से जून तक के विद्युत बिलों पर विलंब अधिभार भुगतान माफ कर दिया गया है । उन्होंने बताया कि इस निर्णय से राज्य के करीब 20,000 किसानों को राहत मिलेगी और राज्य सरकार पर तीन करोड 64 लाख रूपये का भार पड़ेगा ।

उत्तराखंड में विद्युत उपभोक्तओं को विलंब अधिभार भुगतान पर छूट
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मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत की अध्यक्षता में मंत्रिमंडल की बैठक के बाद प्रदेश के कैबिनेट मंत्री और राज्य सरकार के प्रवक्ता मदन कौशिक ने बताया कि राज्य के विद्युत उपभोक्तओं को चार श्रेणियों में छूट दी गयी हैं। इससे राज्य सरकार पर कुल 17 करोड 64 लाख रूपये का बोझ पड़ेगा ।

उन्होंने बताया कि विद्युत बिलों के आनलाइन भुगतान पर उपभोक्ताओं को एक प्रतिशत की छूट दिये जाने के अलावा, निजी नलकूप श्रेणी के तहत किसानों का अप्रैल से जून तक के विद्युत बिलों पर विलंब अधिभार भुगतान माफ कर दिया गया है । उन्होंने बताया कि इस निर्णय से राज्य के करीब 20,000 किसानों को राहत मिलेगी और राज्य सरकार पर तीन करोड 64 लाख रूपये का भार पड़ेगा ।

इसके अलावा, होटल, रेस्टोरेंट, ढाबे में विद्युत कनेक्शन पर लगने वाले फिक्सड चार्ज में भी अप्रैल से जून तक तीन माह के लिए छूट दे दी गयी है । उन्होंने कहा कि इस श्रेणी के उपभोक्ताओं को इस अवधि का केवल बिल देना होगा और राज्य सरकार पर करीब छह करोड रूपये का भार आएगा ।

उन्होंने कहा कि इसी प्रकार औद्योगिक और वाणिज्यिक श्रेणी के उपभोक्तओं से लिये जाने वाला फिकस्ड चार्ज भी तीन माह के लिए स्थगित कर दिया गया है ।

कौशिक ने बताया कि मंत्रिमंडल ने भारत सरकार के नोडल अधिनियम ' कृषि उपज, पशुधन संविदा खेती एवं सेवाएं अधिनियम 2018' को मंजूर कर लिया है और इस संबंध में अध्यादेश लाया गया है । उन्होंने कहा कि विधानसभा का सत्र नहीं चलने के कारण अध्यादेश लाया गया है ।

उन्होंने कहा कि इस नोडल अधिनियम के तहत कृषकों को अनेक प्रकार की सुविधाएं प्रदान की जाएगीं।

एक अन्य निर्णय में, मंत्री ने बताया कि उद्योगों में लगने वाले बॉयलरों की जांच के लिए अवधि को मंत्रिमंडल ने 30 जून तक विस्तारित किए जाने की मंजूरी दे दी । उन्होंने बताया कि इसके अलावा, उद्योग बॉयलरों की जांच सरकारी इंस्पेक्टरों के अतिरिक्त निजी या थर्ड पार्टी इंस्पेक्टरों से भी करायी जा सकेगी।

कौशिक ने बताया कि राज्य की अर्थव्यवस्था पर कोविड-19 के प्रभावों का अध्ययन करने के लिये गठित समिति की रिपोर्ट भी मंत्रिमंडल को प्राप्त हो गयी है। उन्होंने बताया कि रिपोर्ट में आए हुए सुझावों का अध्ययन करके निर्णय लिए जाएंगे ।

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(The above story first appeared on LatestLY on May 13, 2020 06:11 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).