इंदौर (मध्य प्रदेश), 25 जून महिलाओं की मानव तस्करी में शामिल होने के आरोप में एक स्थानीय डांस बार के फरार संचालक को गुजरात से गिरफ्तार किया गया है, जबकि मामले का मुख्य आरोपी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है।
नियम-कायदों के विरुद्ध निर्माण पर प्रशासन इस डांस बार का बड़ा हिस्सा एक मुहिम के दौरान छह महीने पहले ही ढहा चुका है।
अपराध निरोधक शाखा के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (एएसपी) राजेश दंडोतिया ने बृहस्पतिवार को संवाददाताओं को बताया कि मामले में महेन्द्र सोनी (64) को गुजरात के अमरेली जिले के सावरकुंडला से बुधवार रात गिरफ्तार किया गया। वह अपने दूर के एक रिश्तेदार के घर पिछले छह माह से छिपा था।
एएसपी के मुताबिक शहर के गीता भवन चौराहे स्थित डांस बार "माय होम" के दस्तावेजों में सोनी का नाम इसके तीन संचालकों में शामिल है।
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उन्होंने बताया कि पिछले साल एक दिसंबर को पुलिस ने इस डांस बार की तलाशी ली थी और वहां छोटे-छोटे कमरों में रह रहीं 67 महिलाओं को बचाया था। इनमें अलग-अलग राज्यों की महिलाएं शामिल हैं जिन्हें कथित रूप से बंधक बनाया गया था और उनसे बार डांसर का काम जबरन कराया जाता था।
दंडोतिया ने बताया कि मामले में पलासिया पुलिस थाने में भारतीय दंड विधान की धारा 370 (मानव तस्करी), 346 (गुप्त स्थान पर गलत इरादे से बंधक बनाकर रखना) और अन्य संबद्ध प्रावधानों के तहत प्राथमिकी दर्ज की गयी थी।
बहरहाल, मामले में करीब सात महीने से फरार मुख्य आरोपी और स्थानीय कारोबारी जीतू सोनी को पुलिस अब भी पकड़ नहीं सकी है। वह गिरफ्तार आरोपी महेन्द्र सोनी का भाई हैं और डांस बार के संचालकों में शामिल हैं।
दंडोतिया ने बताया कि पुलिस के एक दल ने गुजरात के राजकोट जिले के एक फार्म हाउस पर इस संदेह में दबिश दी थी कि वहां जीतू सोनी छिपे हैं। लेकिन वह वहां नहीं मिले।
जीतू सोनी शहर के एक सांध्य दैनिक के मालिक और प्रधान संपादक भी हैं। पिछले साल के अंत में सोनी के परिवार के डांस बार, दो बंगलों, होटल और रेस्तरां समेत अलग-अलग ठिकानों पर पुलिस व प्रशासन की बड़ी कार्रवाई से ऐन पहले, यह अखबार प्रदेश के कुख्यात हनी ट्रैप मामले में फंसे राजनेताओं और नौकरशाही से जुड़े रसूखदार लोगों से कथित रूप से संबंधित ऑडियो-वीडियो पर आधारित खबरें प्रकाशित और प्रसारित कर रहा था।
हनी ट्रैप गिरोह की पांच महिलाओं और उनके ड्राइवर को भोपाल और इंदौर से सितंबर 2019 में गिरफ्तार किया गया था। गिरोह खुफिया कैमरों से अंतरंग पलों के वीडियो बनाकर अपने "शिकारों" को इस आपत्तिजनक सामग्री के बूते ब्लैकमेल करता था।
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