मुंबई, 26 जुलाई देश भर में डिजिटल भुगतान में 31 मार्च 2024 तक 12.6 प्रतिशत की वार्षिक वृद्धि दर्ज की गई।
ऑनलाइन लेनदेन को अपनाने को मापने वाला आरबीआई सूचकांक में यह कहा गया। सूचकांक मार्च 2024 के अंत में 445.5 पर रहा, जबकि सितंबर 2023 में यह 418.77 और मार्च 2023 में 395.57 पर था।
भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने शुक्रवार को एक बयान में कहा, ‘‘ आरबीआई-डीपीआई सूचकांक सभी मापदंडों पर बढ़ा है। इसका कारण देश भर में भुगतान प्रदर्शन तथा भुगतान बुनियादी ढांचे में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।’’
रिजर्व बैंक ने देश भर में डिजिटल भुगतानों की सीमा का पता लगाने के लिए एक समग्र भारतीय रिजर्व बैंक-डिजिटल भुगतान सूचकांक (आरबीआई-डीपीआई)तैयार करने की घोषणा की थी। इसके लिए मार्च 2018 को आधार बनाया गया था।
आरबीआई-डीपीआई में पांच व्यापक मानदंड शामिल हैं जो अलग-अलग समय अवधि में देश में डिजिटल भुगतान की गहराई और पैठ को मापने में सक्षम बनाते हैं।
ये मानदंड आनलाइन भुगतान को सक्षम बनाने वाली व्यवस्था (भारांश 25 प्रतिशत); भुगतान अवसंरचना - मांग से जुड़े कारक (10 प्रतिशत); भुगतान अवसंरचना - आपूर्ति पक्ष कारक (15 प्रतिशत); भुगतान का कार्य-प्रदर्शन (45 प्रतिशत) और उपभोक्ता केन्द्रीयता (5 प्रतिशत) हैं।
यह सूचकांक मार्च 2021 से चार महीने के अंतराल पर छमाही आधार पर प्रकाशित किया जाता है।
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