देश की खबरें | जी-20 की अध्यक्षता के दौरान डिजिटल नवाचार को प्राथमिकता दी जाएगी: मांडविया

नयी दिल्ली, पांच जनवरी केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया ने बृहस्पतिवार को कहा कि जी-20 की अध्यक्षता के दौरान भारत के लिए स्वास्थ्य क्षेत्र के तहत स्वास्थ्य आपात स्थिति, तैयारियों एवं प्रतिक्रिया की निगरानी, दवा क्षेत्र में सहयोग को मजबूत करना और डिजिटल स्वास्थ्य नवाचार एवं समाधान प्राथमिकता में शुमार रहेंगे।

उन्होंने कहा कि पूरी दुनिया को बड़े पैमाने पर प्रभावित करने वाली कोविड महामारी ने इस आवश्यकता पर प्रकाश डाला है कि इस तरह के संकट की रोकथाम और इससे निपटने के लिए सभी देशों को हाथ मिलाने की आवश्यकता है।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य आपात स्थिति, रोकथाम एवं तैयारी और एंटीबायोटिक प्रतिरोधक क्षमता एजेंडे में सबसे ऊपर है और भारत का लक्ष्य वैश्विक स्वास्थ्य संरचना के मद्देनजर विभिन्न मंचों पर संवाद को मजबूत करने में एक प्रमुख भूमिका निभाना होगा।

उन्होंने कहा कि सुरक्षित, प्रभावी, गुणवत्तापूर्ण और किफायती चिकित्सा की उपलब्धता और पहुंच के लिए दवा क्षेत्र में सहयोग को मजबूत करने पर भी विशेष रूप से ध्यान केंद्रित किया जाएगा।

मांडविया ने कहा, ‘‘भारत को विश्व की ‘फार्मेसी’ कहा जाता है। भारत वैश्विक स्तर पर टीकों, दवाओं और चिकित्सा उपकरणों के विनिर्माण को बढ़ावा देने पर बल देगा ताकि भविष्य की स्वास्थ्य आपात स्थितियों से निपटने में सक्षम हो सके।’’

उन्होंने कहा कि महामारी के दौरान भारत ने दुनियाभर के 150 से अधिक देशों को दवाएं और टीके निर्यात किए।

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि डिजिटल स्वास्थ्य के लिए मौजूदा वैश्विक प्रयासों को एक संस्थागत ढांचे में तब्दील करने के उद्देश्य से भारत डिजिटल स्वास्थ्य नवाचार एवं समाधान पर भी ध्यान केंद्रित करेगा ताकि जरूरतमंद देशों तक इसकी पहुंच सुनिश्चित हो और इस दौरान कम और मध्यम आय वाले देशों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

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