देहरादून, पांच मार्च मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को केंद्रीय मंत्रिमंडलीय समिति द्वारा सोनप्रयाग से केदारनाथ और गोविन्दघाट से हेमकुंड साहिब गुरूद्वारे के लिए रोपवे निर्माण को मंजूरी दिये जाने पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का आभार व्यक्त किया।
मोदी के बृहस्पतिवार के एक दिवसीय उत्तराखंड दौरे का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि अपने आने से पहले प्रधानमंत्री ने राज्य को दो बड़ी सौगात दे दी हैं।
प्रधानमंत्री उत्तरकाशी जिले में मां गंगा के शीतकालीन प्रवास स्थल मुखबा जाएंगे और वहां से प्रदेश में शीतकालीन चारधाम यात्रा का संदेश देंगे।
प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (सीसीईए) ने राष्ट्रीय रोपवे विकास कार्यक्रम ‘पर्वतमाला’ परियोजना के तहत सोनप्रयाग से केदारनाथ तक 4,081.28 करोड़ रूपये की लागत से विकसित की जाने वाली 12.9 किलोमीटर लंबी रोपवे परियोजना तथा 2730.13 करोड़ रूपये की लागत से बनने वाली गोविंदघाट से हेमकुंड साहिब तक 12.4 किमी लंबी रोपवे परियोजना के निर्माण को मंजूरी दे दी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि केदारनाथ और हेमकुंड साहिब के लिए रोपवे का विकास होने से श्रद्धालुओं को इन तीर्थस्थलों के दर्शन के लिए पहुंचने में काफी सुगमता होगी।
धामी ने अपने दिल्ली दौरे के दौरान प्रधानमंत्री से इन दोनों रोपवे के निर्माण के लिए अनुरोध किया था।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री का उत्तराखंड से विशेष लगाव है और उनके मार्गदर्शन में प्रदेश हर क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों की श्रेणी में शामिल हो रहा है।
उन्होंने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री के नेतृत्व में केंद्र सरकार का हर क्षेत्र में राज्य को सहयोग मिल रहा है। श्री केदारनाथ का पुनर्निमाण, श्री बदरीनाथ के मास्टर प्लान के कार्य तेजी से हुए हैं।’’
वर्तमान में गौरीकुंड से केदारनाथ मंदिर तक की 16 किमी की दूरी को पैदल, घोड़ा-खच्चर, पालकी और हेलीकॉप्टर के माध्यम से तय किया जाता है, जिसमें करीब आठ से नौ घंटे का समय लगता है। रोपवे बनने के बाद यह समय घटकर लगभग 36 मिनट रह जाएगा।
सोनप्रयाग-केदारनाथ रोपवे की क्षमता प्रतिदिन 18 हजार यात्रियों को ले जाने की होगी।
केदारनाथ 12 पवित्र ज्योतिर्लिंगों में से एक है जो उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले में 3,583 मीटर (11968 फुट) की ऊंचाई पर स्थित है।
इसी प्रकार, गोविंदघाट से 21 किलोमीटर की खड़ी चढ़ाई चढ़ कर हेमकुंड साहिब तक पहुंचा जाता है जिसे श्रद्धालु पैदल या घोड़ा-खच्चर या पालकी से तय करते हैं। गोविंदघाट-हेमकुंड साहिब रोपवे से फूलों की घाटी जाने वाले पर्यटकों को भी सुविधा होगी।
इस रोपवे की क्षमता प्रतिदिन 11,000 यात्रियों को ले जाने की होगी।
हेमकुंड साहिब गुरुद्वारा उत्तराखंड के चमोली जिले में 15,000 फीट की ऊंचाई पर स्थित है जो हर साल मई से सितंबर के बीच लगभग पांच माह खुला रहता है और इस दौरान यहां करीब दो लाख श्रद्धालु मत्था टेकने के लिए आते हैं।
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