मुंबई, 28 अप्रैल मुंबई में सीबीआई की एक विशेष अदालत ने अभिनेत्री जिया खान की आत्महत्या मामले में अभिनेता सूरज पंचोली को आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप से शुक्रवार को बरी कर दिया।
इस मामले में घटनाक्रम इस प्रकार है :
तीन जून 2013 : जिया खान जुहू में अपने आवास के शयन कक्ष से फंदे से लटकी मिली।
10 जून 2013 : पुलिस ने सूरज पंचोली से रिश्तों में खटास आने पर जिया खान द्वारा कथित तौर पर लिखे छह पन्नों के पत्र के आधार पर अभिनेता को गिरफ्तार कर लिया।
एक जुलाई 2013 : बंबई उच्च न्यायालय ने सूरज पंचोली को जमानत दे दी।
दो जुलाई 2013 : सूरज पंचोली जमानत पर जेल से बाहर आए।
तीन जुलाई 2014 : बंबई उच्च न्यायालय ने जिया की मां राबिया खान की याचिका पर मामले की जांच सीबीआई को सौंपी। राबिया खान ने दावा किया कि पुलिस मामले की उचित जांच नहीं कर रही है और उनकी बेटी की हत्या की गयी थी न कि उसने आत्महत्या की थी।
नौ दिसंबर 2015 : सीबीआई ने मामले में यह कहते हुए आरोपपत्र दाखिल किया कि यह आत्महत्या का मामला है न कि हत्या का । उसने सूरज पंचोली पर भारतीय दंड संहिता की धारा 306 के तहत आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप लगाया।
फरवरी 2016 : राबिया खान ने सीबीआई के आरोपपत्र के खिलाफ उच्च न्यायालय में याचिका दायर की और दोहराया कि उनकी बेटी की हत्या की गयी थी। राबिया ने जिया के अमेरिकी नागरिक होने के कारण मामले की जांच के लिए संघीय जांच ब्यूरो (एफबीआई) की निगरानी में विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित करने की मांग की।
25 फरवरी 2016 : उच्च न्यायालय ने राबिया खान की याचिका पर सुनवाई लंबित रहने तक मामले में सुनवाई पर रोक लगायी।
दिसंबर 2016 : सूरज पंचोली ने मुकदमे पर रोक हटाने का अनुरोध करते हुए उच्च न्यायालय में अर्जी दाखिल कर कहा कि उनके पास ‘‘स्वतंत्र, निष्पक्ष और त्वरित मुकदमे’’ का सामना करने का अधिकार है।
एक फरवरी 2017 : उच्च न्यायालय ने राबिया खान की याचिका पर अपना आदेश सुरक्षित रखा।
नौ फरवरी 2017 : उच्च न्यायालय ने राबिया खान की याचिका खारिज की और सूरज पंचोली के खिलाफ मुकदमे की सुनवाई पर रोक हटायी।
30 जनवरी 2018 : एक विशेष अदालत ने सूरज पंचोली के खिलाफ आरोप तय किए।
14 फरवरी 2019 : मुकदमे की सुनवाई शुरू हुई।
अगस्त 2022 : राबिया खान ने मामले में एक गवाह के तौर पर बयान दर्ज कराए और दोहराया कि सीबीआई ने यह साबित करने के लिए कोई सबूत नहीं दिया है कि उनकी बेटी ने आत्महत्या की थी। राबिया ने उच्च न्यायालय में एक और याचिका दायर कर मामले की नए सिरे से जांच का अनुरोध किया।
12 सितंबर 2022 : उच्च न्यायालय ने राबिया खान की याचिका खारिज करते हुए कहा कि सीबीआई ने निष्पक्ष और विस्तृत जांच की है लेकिन राबिया खान इसे आत्महत्या नहीं बल्कि हत्या का मामला बताकर मुकदमे में विलंब कर रही हैं।
20 अप्रैल 2023 : मुकदमे की सुनवाई पूरी हुई, सीबीआई की विशेष अदालत ने मामले में अपना फैसला सुरक्षित रखा।
28 अप्रैल 2023 : विशेष सीबीआई अदालत ने सूरज पंचोली को बरी किया।
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