जरुरी जानकारी | पीएलआई योजना कारगर न होने पर संबंधित विभाग कर सकते हैं बदलाव: डीपीआईआईटी

नयी दिल्ली, 13 जून उद्योग संवर्द्धन एवं आंतरिक व्यापार विभाग (डीपीआईआईटी) ने मंगलवार को कहा कि उत्पादन से जुड़ी प्रोत्साहन (पीएलआई) योजना के कारगर साबित नहीं होने पर संबंधित विभाग उसमें कुछ बदलाव करने के बारे में सोच सकते हैं।

डीपीआईआईटी के सचिव राजेश कुमार सिंह ने यहां संवाददाताओं से कहा कि संबंधित मंत्रालयों को इसपर नजर रखनी होगी कि पीएलआई के तहत आवंटन कम है या लाभार्थी फर्म अपना प्रदर्शन कायम नहीं रख पा रही हैं। ऐसा होने पर संबंधित विभाग कुछ समय के लिए छूट देने के बारे में सोच सकता है।

सरकार ने पिछले महीने सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) क्षेत्र को इसी तरह की छूट देने का फैसला किया था। आईटी हार्डवेयर क्षेत्र के लिए 17,000 करोड़ रुपये के बजट आवंटन के साथ पीएलआई 2.0 योजना लाने की घोषणा की गई थी।

सिंह ने कहा, ‘‘हमें पीएलआई योजना के तहत 1.97 लाख करोड़ रुपये का इस्तेमाल किए जाने की उम्मीद है...लेकिन किसी खास क्षेत्र के लिए संचालित पीएलआई योजना में कुछ सुधार हो सकता है।’’

सरकार 1.97 लाख करोड़ रुपये के आवंटन के साथ दूरसंचार, इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पाद, कपड़ा एवं दवा जैसे 14 क्षेत्रों में घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा देने के लिए पीएलआई योजना चला रही है।

सरकार ने मार्च, 2023 तक प्राप्त 3,400 करोड़ रुपये के दावों में से केवल 2,900 करोड़ रुपये ही वितरित किए हैं। इस बारे में पूछे जाने पर सिंह ने कहा कि वे प्रोत्साहन राशि वितरण में देरी को लेकर चिंतित नहीं हैं क्योंकि निवेश हो रहा है।

उन्होंने कहा, ‘‘हमें प्रोत्साहन वितरण में तेजी आने की उम्मीद है। परियोजनाएं धरातल पर हैं और निवेश एवं रोजगार आ रहा है।’’

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