नयी दिल्ली, 10 अप्रैल ताजजीवीके होटल्स ने बृहस्पतिवार को कहा कि उसे मिली सेवा कर छूट में ‘बेमेल’ होने से संबंधित कर मांग, ब्याज और जुर्माने के तौर पर 42.13 लाख रुपये की मांग का आदेश मिला है।
आतिथ्य क्षेत्र की कंपनी ने कहा कि वह एक अप्रैल, 2015 से 30 जून, 2017 के बीच की अवधि के लिए मिली सेवा कर छूट पर दिए गए आदेश के खिलाफ अपील दायर करने की प्रक्रिया में है।
यह आदेश ताज कृष्णा, ताज डक्कन और ताज बंजारा के होटलों के लिए सेवा कर के आकलन के संबंध में सीमा शुल्क और केंद्रीय कर आयुक्त, अपील-एक, आयुक्त कार्यालय, हैदराबाद की तरफ से पारित किया गया था।
ताजजीवीके होटल्स ने शेयर बाजार को दी सूचना में कहा कि मुख्य रूप से 01 अप्रैल, 2015 से 30 जून, 2017 की अवधि में सेवा कर पर मिली छूट के प्रतिशत में अंतर होने से मेल न बैठने के आधार पर कर की मांग की गई है।
कंपनी ने कहा कि उसके संचालन या अन्य गतिविधियों पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। कंपनी उक्त आदेश के खिलाफ अपील दायर करने की प्रक्रिया में है।
ताजजीवीके होटल्स एंड रिजॉर्ट्स लिमिटेड (ताजजीवीके) हैदराबाद स्थित जीवीके समूह और इंडियन होटल्स कंपनी के बीच 1999 में गठित एक संयुक्त उद्यम है।
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