देश की खबरें | दिल्ली की अदालत ने सौतेली बेटी से बलात्कार के दोषी को उम्रकैद की सजा सुनाई

नयी दिल्ली, 17 जुलाई दिल्ली की एक अदालत ने 2021 में अपनी 14 वर्षीय सौतेली बेटी के साथ बलात्कार करने और उसे गर्भवती करने के जुर्म में एक व्यक्ति को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।

अदालत ने उसे "अन्य लड़कियों के लिए खतरा" बताया और उसे यथासंभव लंबे समय तक समाज से बाहर रखने की बात कही।

अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश अमित सहरावत ने कहा कि इस "राक्षसी कृत्य" के लिए व्यक्ति को "कड़ी सजा" दी जानी चाहिए।

अदालत बलात्कार और पॉक्सो अधिनियम की धारा छह (गंभीर प्रवेशन यौन हमले) के तहत दोषी के खिलाफ सजा पर सुनवाई कर रही थी।

सात जुलाई को अदालत ने कहा, "दोषी को सजा सुनाते समय इस बात को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता कि दोषी ने न केवल नाबालिग पीड़िता के साथ बलात्कार किया, बल्कि उसने उसे लगभग 18 सप्ताह तक गर्भवती भी बनाए रखा।"

आदेश में कहा गया है कि पीड़िता को जो असहनीय मानसिक और शारीरिक आघात सहना पड़ा है, उसके कारण इस व्यक्ति का "कुकृत्य" नरमी बरतने के दायरे से बाहर है।

अदालत ने मृत्युदंड के खिलाफ फैसला देते हुए कहा कि यह अपराध समग्र समाज के विरुद्ध नहीं है।

उस व्यक्ति को "शेष प्राकृतिक जीवन" तक सलाखों के पीछे रहने का आदेश दिया गया।

अदालत ने पीड़िता को 16.5 लाख रुपये का मुआवजा भी देने का आदेश दिया।

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