देश की खबरें | दिल्ली हिंसा : अदालती निगरानी में जांच की मांग पर पुलिस से जवाब तलब

नयी दिल्ली, नौ जुलाई दिल्ली की एक अदालत ने पिंजरा तोड आंदोलन के सदस्यों और जवाहर लाल नेहरु विश्वविद्यालय के छात्रों देवांगणा कलिता और नताशा नारवाल की अर्जी पर पुलिस से जवाब तलब किया है।

गैरकानूनी गतिविधियां निषेध कानून के तहत आरोपी दोनों छात्राओं ने फरवरी में उत्तरी पूर्वी दिल्ली में हुए दंगों की जांच अदालत की निगरानी में कराने की मांग की है।

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अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश धर्मेन्द्र राणा ने जांच अधिकारी को अर्जी पर 14 जुलाई तक जवाब देने को कहा है।

कलिता और नारवाल को संशोधित नागरिकता कानून के खिलाफ फरवरी में हो रहे विरोध प्रदर्शनों के दौरान हुए दंगों से जुड़े मामले में गिरफ्तार किया गया है।

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कलिता और नारवाल के अलावा जामिया मिल्लिया इस्लामिया के छात्रों आसिफ तन्हा गुलफिशा खातून, कांग्रेस के पूर्व पार्षद इशरत जहां, जामिया समन्वय समिति के सदस्यों सफूरा जरगर, मीरान हैदर, जामिया एलुमनी एसोसिएशन अध्यक्ष शिफा-उर-रहमान, आप के निलंबित पार्षद ताहिर हुसैन, कार्यकर्ता खालिद सैफी, जेएनयू के पूर्व छात्र नेता उमर खालिद के खिलाफ भी मामला दर्ज है।

इस मामले में उमर खालिद को अभी तक गिरफ्तार नहीं किया गया है।

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