नयी दिल्ली, 18 जुलाई दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और उपराज्यपाल वी.के. सक्सेना के दिल्ली विद्युत विनियामक आयोग (डीईआरसी) के अध्यक्ष की नियुक्ति पर निर्णय लेने के लिए बुधवार को बैठक करने की उम्मीद है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
उच्चतम न्यायालय ने सोमवार को कहा था कि संवैधानिक पदों पर बैठे दोनों लोगों को ‘राजनीतिक कलह’ से ऊपर उठना होगा और इस बात पर विचार-विमर्श करना होगा कि राष्ट्रीय राजधानी के बिजली नियामक का प्रमुख कौन हो सकता है।
उपराज्यपाल और मुख्यमंत्री के बीच बैठक अब तक नहीं हो सकी क्योंकि केजरीवाल गैर-भारतीय जनता पार्टी विपक्षी दलों की बैठक में भाग लेने के लिए बेंगलुरु में थे।
डीईआरसी के अध्यक्ष का पद महत्वपूर्ण है क्योंकि नियामक राष्ट्रीय राजधानी में बिजली शुल्क तय करता है। नयी नियुक्ति को लेकर आम आदमी पार्टी (आप) नीत सरकार और उपराज्यपाल कार्यालय में मतभेद के बीच यह पद जनवरी से खाली पड़ा है।
केजरीवाल ने जनवरी में इस पद के लिए उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश राजीव कुमार श्रीवास्तव के नाम की सिफारिश की थी। हालांकि, श्रीवास्तव ने जून में व्यक्तिगत कारणों का हवाला देते हुए कार्यभार संभालने से खुद को अलग कर लिया था।
मुख्यमंत्री ने 21 जून को नए डीईआरसी अध्यक्ष के रूप में न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) संगीत लोढ़ा के नाम की सिफारिश की। केंद्र ने एक अधिसूचना के माध्यम से न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) उमेश कुमार को इस पद पर नियुक्त किया।
आप नीत सरकार ने नियुक्ति को ‘‘अवैध और असंवैधानिक’’ बताते हुए इसका विरोध किया और कहा कि बिजली का विषय किसी राज्य या केंद्र शासित प्रदेश की निर्वाचित सरकार के अधिकार क्षेत्र में आता है। आम आदमी पार्टी ने बाद में न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) कुमार की नियुक्ति को चुनौती देते हुए उच्चतम न्यायालय का रुख किया।
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