देश की खबरें | दुर्लभ बीमारियों से पीड़ित दो बच्चों को दिल्ली के अस्पताल ने दी नई जिंदगी

नयी दिल्ली, 18 जुलाई दिल्ली के एक निजी अस्पताल में जन्मजात बीमारी से पीड़ित चार वर्षीय बच्ची का इलाज कर उसे नई जिंदगी दी गई है।

डॉक्टरों ने मंगलवार को बताया कि बच्ची जन्मजात तौर पर ‘न्यूट्रोपेनिया’ (श्वेत रक्त कोशिकाओं के एक प्रकार (न्यूट्रोफ़िल्स) की असामान्य रूप से कम संख्या) से पीड़ित थी। डॉक्टरों के मुताबिक, इस स्थिति से त्वचा, साइनस, स्टामाटाइटिस और फेफड़े, हड्डी और तंत्रिका तंत्र में बार-बार संक्रमण हो सकता है। अस्पताल ने बताया कि न्यूट्रोपेनिया’ के मामले दुनिया भर में 10 लाख की आबादी में दो-तीन होते हैं।

शालीमार बाग स्थित ‘फोर्टिस’ अस्पताल ने मंगलवार को एक बयान में बताया कि बच्ची को हाल में अस्पताल लाया गया था और उसे बुखार था तथा मुंह में कई छाले थे।

बयान के मुताबिक, अस्पताल के बाल चिकित्सा विभाग के प्रमुख और निदेशक डॉ अरविंद कुमार के अगुवाई वाली टीम ने बच्ची की जांच की और उसे विशिष्ट चिकित्सा प्रदान की जिससे उसकी श्वेत रक्त कोशिकाओं में इजाफा हुआ। बच्ची की क्लिनिकल स्थिति में काफी सुधार हुआ है।

अस्पताल ने एक अन्य मामले के बारे में जानकारी दी है जिसमें डॉ कुमार की टीम ने दुर्लभ बीमारी ‘एगमैग्लोबुलिनमिया’ (बर्टन रोग) से पीड़ित छह वर्षीय बच्चे का भी उपचार किया। उसने बताया कि बच्चे को तेज़ बुखार, खांसी, कान से पानी निकलना समेत अन्य लक्षणों के साथ अस्पताल लाया गया था।

अस्पताल ने दावा किया कि दुनिया भर में इस दुर्लभ बीमारी का मामला 190,000 बच्चों पर किसी एक में सामने आता है और भारत में अब तक लगभग 50 से अधिक मामले सामने आ चुके हैं।

अस्पताल ने बताया कि डॉक्टरों ने संक्रमण से लड़ने के लिए ‘इन्ट्रवीनस इम्युनोग्लोबुलिन थेरेपी’ का इस्तेमाल किया और बच्चे को इससे फायदा मिला।

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