देश की खबरें | दिल्ली सरकार ने प्रमुख निजी स्कूल को फीस बढ़ाने की दी गयी अनुमति वापस ली
एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

नयी दिल्ली, 10 सितंबर दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने बृहस्पतिवार को कहा कि चाणक्यपुरी के एक प्रमुख निजी स्कूल को फीस वृद्धि के लिए दी गयी अनुमति वापस ले ली गयी है।

सिसोदिया ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, "स्कूल को फीस वृद्धि के लिए दी गयी मंजूरी को वापस लिया जा रहा है। यह पाया गया कि अनुमति देते समय कुछ तथ्यों की अनदेखी की गयी थी। स्कूल ने फीस में करीब 75 प्रतिशत की बढोतरी की, जो अस्वीकार्य है। इसलिए हम आदेश वापस ले रहे हैं।"

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इससे पहले दिन में, स्कूल के छात्रों के अभिभावकों के एक समूह ने सिसोदिया से मुलाकात की। सिसोदिया दिल्ली के शिक्षा मंत्री भी हैं।

इस बीच स्कूल प्रबंधन की ओर से तत्काल कोई जवाब नहीं मिला है।

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उपमुख्यमंत्री ने कहा कि ‘‘जीएएपी’’ नामक प्रणाली के तहत लेखांकन और लेखा परीक्षा की विशेष प्रक्रिया का पालन करना आवश्यक है लेकिन स्कूल ने ऐसा नहीं किया। इसके अलावा फीस बढ़ाने की कोई आवश्यकता नहीं थी क्योंकि स्कूल के पास पहले से ही अतिरिक्त राशि थी जो उसे 2017-18 के दौरान प्राप्त हुयी। इस वजह से दिल्ली सरकार ने फीस बढ़ाने के प्रस्ताव को खारिज कर दिया था।

उन्होंने कहा कि उसी साल हमने स्कूल को अतिरिक्त राशि से सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों के अनुसार, शिक्षकों को भुगतान करने और छात्रों पर बोझ नहीं डालने का निर्देश दिया था। लेकिन स्कूल ने उस आदेश का पालन नहीं किया।

सिसोदिया ने कहा कि किसी स्कूल को स्थापना की अनुमति तभी मिलती है जब उसके पास कर्मचारियों के तीन महीने का वेतन सावधि जमा हो। इसलिए अब फीस बढ़ाने की मांग अनुचित है क्योंकि वह राशि स्कूल की स्थापना के बाद से सावधि जमा के रूप में जमा की जा चुकी है।

उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार द्वारा गठित अनिल देव सिंह समिति ने सिफारिश की थी कि 2010 से 2012 तक निजी स्कूलों द्वारा मनमाने ढंग से बढ़ाई गई फीस लौटायी जानी चाहिए।

सिसोदिया ने कहा कि स्कूल ने विकास संबंधी राशि एक अलग खाते में जमा करने के संबंध में उच्चतम न्यायालय के निर्देश का पालन नहीं किया है।

उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस महामारी के दौरान किसी भी स्कूल को फीस बढ़ाने की अनुमति नहीं है और इसका उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने कहा, ‘‘हमने पहले ही स्पष्ट कर दिया है कि कोविड-19 महामारी के दौरान किसी भी स्कूल को फीस बढ़ाने की अनुमति नहीं है। स्कूलों को केवल ट्यूशन फीस लेने की अनुमति है और जब तक स्कूल पूरी तरह से फिर से नहीं शुरू हो जाते, किसी अतिरिक्त फीस की अनुमति नहीं होगी। उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।’’

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