देश की खबरें | दिल्ली सरकार ने अदालत में कहा : कोरोना पर नियंत्रण के बाद नार्को जांच शुरू होगी
एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

नयी दिल्ली, छह अक्टूबर आप सरकार ने दिल्ली उच्च न्यायालय को सूचित किया है कि यहां नार्को परीक्षण की सुविधा शुरू करने की प्रक्रिया चल रही है और यह कोविड-19 महामारी पर नियंत्रण के बाद शुरू होगी।

सरकार ने अदालत को बताया कि यह सुविधा रोहिणी के डॉ बाबा साहेब आंबेडकर अस्पताल में स्थापित की गयी है और महामारी के कारण इसे शुरू नहीं किया गया है।

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वकीलों के अनुसार, यह दिल्ली में स्थापित होने वाली पहली ऐसी सुविधा होगी।

अदालत ने कहा कि जहां तक दिल्ली में नार्को टेस्ट की सुविधा स्थापित करने का सवाल है, स्थिति रिपोर्ट से पता चलता है कि नार्को परीक्षण शुरू करने की प्रक्रिया चल रही है। जैसे ही कोरोना वायरस की स्थिति पर नियंत्रण होगा, यह डॉ बाबा साहेब आंबेडकर अस्पताल, रोहिणी में शुरू की जाएगी।

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न्यायमूर्ति विपिन सांघी और न्यायमूर्ति रजनीश भटनागर की पीठ ने कहा कि संजय लाओ (दिल्ली सरकार के अतिरिक्त स्थायी वकील) का कहना है कि उक्त सुविधा स्थापित कर ली गयी है लेकिन कोविड-19 महामारी के कारण इसका इस्तेमाल नहीं किया जा सकता है।

इससे पहले उच्च न्यायालय ने दिल्ली सरकार से यह स्थिति रिपोर्ट दाखिल करने को कहा था कि क्या दिल्ली में सुविधा स्थापित करने के लिए कोई कदम उठाया गया है। अदालत का कहना था कि यहां दर्ज होने वाले मामलों में ऐसी जांच की जरूरत होती है।

यह मुद्दा तब सामने आया जब अदालत एक पिता की याचिका पर सुनवाई कर रही थी जो अपने 19 वर्षीय बेटे की तलाश में भटक रहा है। उनका पुत्र 17 सितंबर 2018 से लापता है।

याचिकाकर्ता तेजबीर सिंह की ओर से पेश वकील सिद्धार्थ यादव ने कहा कि पिता को अधिकारियों की बेरूखी का सामना करना पड़ रहा है।

याचिका में कहा गया है कि लापता लड़का पहलवान बनना चाहता था और उसके पिता ने पुलिस को बताया था कि उसे अपने बेटे के लापता होने के पीछे व्यायामशाला के मालिक और चार अन्य लोगों पर शक है। लेकिन अधिकारियों ने कोई कार्रवाई नहीं की है जिसके बाद उसने अदालत का दरवाजा खटखटाया।

याचिका में कहा गया है कि इन सभी व्यक्तियों का नार्को परीक्षण भी नहीं कराया गया है। ऐसा लगता है कि संबंधित पुलिस अधिकारी आरोपियों का बचाव करने की कोशिश कर रहे हैं।

पुलिस ने अदालत से कहा कि दो संदिग्धों का परीक्षण किया गया है और शेष तीन संदिग्धों का नार्को परीक्षण बाकी है क्योंकि यह प्रक्रिया महामारी के कारण अहमदाबाद में पूरी नहीं हो सकी।

मामले में अगली सुनवाई 25 नवंबर को होगी।

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