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Petrol Price Today, March 22, 2026: दिल्ली-मुंबई में आज भी स्थिर रहीं पेट्रोल की कीमतें, लेकिन प्रीमियम फ्यूल हुआ महंगा; देखें अपने शहर के लेटेस्ट रेट्स

भारत में रविवार, 22 मार्च 2026 को सामान्य पेट्रोल की कीमतें स्थिर बनी हुई हैं. हालांकि, सरकारी तेल कंपनियों ने प्रीमियम पेट्रोल की दरों में बढ़ोतरी की है, जिससे हाई-ऑक्टेन ईंधन का उपयोग करने वाले उपभोक्ताओं पर बोझ बढ़ेगा.

Petrol Price Today, March 22, 2026: दिल्ली-मुंबई में आज भी स्थिर रहीं पेट्रोल की कीमतें, लेकिन प्रीमियम फ्यूल हुआ महंगा; देखें अपने शहर के लेटेस्ट रेट्स
प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: File Photo)

Petrol Price Today, March 22, 2026: देश भर के वाहन चालकों के लिए रविवार, 22 मार्च की सुबह राहत भरी रही क्योंकि सामान्य पेट्रोल की कीमतों (Petrol Prices) में कोई बदलाव नहीं किया गया है. सरकारी तेल विपणन कंपनियों (Government-Owned Oil Marketing Companies) (OMCs) ने वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में जारी अस्थिरता के बावजूद खुदरा दरों को स्थिर रखने का निर्णय लिया है. हालांकि, प्रीमियम श्रेणी के पेट्रोल के लिए उपभोक्ताओं को अब अधिक जेब ढीली करनी होगी, जिसकी नई दरें आज से प्रभावी हो गई हैं. आज, 22 मार्च को दिल्ली, मुंबई, चेन्नई, हैदराबाद, बेंगलुरु, अहमदाबाद, कोलकाता, जयपुर, लखनऊ और नोएडा जैसे प्रमुख शहरों में पेट्रोल की ताज़ा दरें देखें.

महानगरों में सामान्य पेट्रोल के भाव (प्रति लीटर)

देश की राजधानी दिल्ली में पेट्रोल 94.77 रुपये प्रति लीटर पर स्थिर है, जबकि मुंबई में यह 103.54 रुपये प्रति लीटर की दर से बिक रहा है। अन्य प्रमुख शहरों की स्थिति नीचे दी गई तालिका में देखी जा सकती है:

शहर पेट्रोल की कीमत (रुपये/लीटर)
दिल्ली ₹ 94.77
मुंबई ₹ 103.54
चेन्नई ₹ 100.80
कोलकाता ₹ 105.45
बेंगलुरु ₹ 102.99
हैदराबाद ₹ 107.46
अहमदाबाद ₹ 94.68
नोएडा ₹ 94.90

प्रीमियम पेट्रोल की कीमतों में उछाल

जहां सामान्य पेट्रोल के दाम नहीं बदले हैं, वहीं हाई-ऑक्टेन प्रीमियम फ्यूल की कीमतों में देश भर में लगभग 2 से 2.3 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई है. इसमें इंडियन ऑयल का XP95 और हिंदुस्तान पेट्रोलियम का Power पेट्रोल शामिल है. डीलरों के अनुसार, इन संशोधित कीमतों को आज सुबह से लागू कर दिया गया है.

वैश्विक बाजार और रुपये की भूमिका

घरेलू बाजार में कीमतों की यह स्थिरता ऐसे समय में महत्वपूर्ण है जब पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक तनाव के कारण अंतरराष्ट्रीय 'ब्रेंट क्रूड' के दामों में लगातार उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है. भारत अपनी जरूरत का 80% से अधिक कच्चा तेल आयात करता है, इसलिए डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपये की स्थिरता भी ईंधन की लागत को नियंत्रित रखने में सहायक साबित हो रही है.

विशेषज्ञों का मानना है कि तेल कंपनियां अंतरराष्ट्रीय बाजार की बढ़ी हुई लागत का कुछ हिस्सा प्रीमियम उत्पादों के माध्यम से समायोजित करने की कोशिश कर रही हैं, ताकि आम उपभोक्ताओं पर तत्काल प्रभाव को कम किया जा सके.

(The above story first appeared on LatestLY on Mar 22, 2026 11:45 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).