नयी दिल्ली, एक मई दिल्ली सरकार जिले के बजाय प्रत्येक वार्ड के अनुसार कोरोना वायरस के मामलों को वर्गीकृत करने की योजना बना रही है। इससे राष्ट्रीय राजधानी के कुछ हिस्से रेड जोन की श्रेणी से बाहर आ सकते हैं और तीन मई के बाद लॉकडाउन में ढील देने की उम्मीद बढ़ सकती है। सूत्रों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।
वर्तमान में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने राष्ट्रीय राजधानी के सभी 11 जिलों को रेड जोन में दर्शाया हुआ है। शहर में कुल 272 वार्ड हैं।
सूत्रों ने कहा कि उपराज्यपाल अनिल बैजल ने विभागों का निर्देश दिया है कि वे वार्ड के अनुसार रेड, ऑरेंज और ग्रीन जोन की विस्तृत योजना तैयार करें।
एक अधिकारी के मुताबिक, जिस इलाके में तीन या अधिक मामले हैं, उसे रेड जोन घोषित किया गया है जबकि एक या दो मामले वाले इलाके को ऑरेंज जोन में रखा गया है।
बैजल की अध्यक्षता में हुई बैठक में स्वास्थ्य सचिव पद्मिनी सिंगला ने कोविड-19 के मामलों के स्थानिक वितरण, निषिद्ध क्षेत्रों और वार्ड के अनुसार रेड, ऑरेंज और ग्रीन जोन से संबंधित विस्तृत विश्लेषण पेश किया।
सूत्रों ने बताया कि प्रत्येक वार्ड के हिसाब से वर्गीकरण की योजना तैयार होने के बाद इसे स्वास्थ्य मंत्रालय के पास अनुमति के लिए भेजा जाएगा।
उन्होंने कहा कि अगर हमें अनुमति प्राप्त होती है तो ग्रीन जोन की श्रेणी में शुमार दिल्ली में ऑरेंज और ग्रीन जोन भी होंगे।
वहीं, बैजल ने स्वास्थ्य विभाग को रेड जोन को ऑरेंज और ग्रीन जोन में बदलने के लिए कार्ययोजना विकसित करने को भी कहा।
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