देश की खबरें | राष्ट्रीय राजधानी में कोचिंग संस्थानों के नियमन के लिए नीति बना रही है दिल्ली सरकार

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एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

नयी दिल्ली, 14 अक्टूबर दिल्ली सरकार, राष्ट्रीय राजधानी में संचालित हो रहे निजी कोचिंग संस्थानों के नियमन के लिए नीति बना रही है तथा इन संस्थानों में मूलभूत सुविधाओं, शुल्क और सुरक्षा के उपायों के वास्ते दिशा-निर्देश तैयार कर रही है।

अधिकारियों ने यह जानकारी दी।

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दिल्ली सरकार ने इस बात का संज्ञान लिया है कि निजी कोचिंग संस्थान शिक्षा की एक समानांतर व्यवस्था चला रहे हैं और अभी तक वह किसी नियम या कानून के दायरे में नहीं हैं जिसका खामियाजा छात्रों को भुगतना पड़ रहा है।

सरकार ने 20 से अधिक छात्रों वाले कोचिंग संस्थानों को शिक्षा निदेशालय में अपना पंजीकरण करवाने को कहा है।

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सरकार ऐसे संस्थानों के आंकड़े एकत्र करने के बारे में भी विचार कर रही है जिसमें संस्थानों की अवसंरचना, जमीन, मूलभूत सुविधाएं, शुल्क, सुरक्षा मानक इत्यादि शामिल हैं।

दिल्ली के सहायक शिक्षा निदेशक योगेश पाल सिंह ने कहा कि दिल्ली में ऐसे संस्थानों की संख्या तेजी से बढ़ रही है जहां मेडिकल, इंजीनियरिंग या अन्य पेशेवर पाठ्यक्रमों में प्रवेश और सरकारी तथा निजी नौकरियों की परीक्षा के लिए कोचिंग दी जाती है।

सिंह ने कहा, “ऐसी परीक्षाओं की तैयारी के लिए पूरे भारत से छात्र शहर में आते हैं और कोचिंग संस्थानों में प्रवेश लेते हैं। ये संस्थान समानांतर शिक्षा व्यवस्था चला रहे हैं और अब भी किसी नियम या कानून के दायरे में नहीं हैं, जिसका खामियाजा छात्रों को भुगतना पड़ता है।”

सिंह ने गुजरात के सूरत में एक कोचिंग संस्थान में आग लगने से 22 छात्रों के मरने की त्रासद घटना का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार ने ऐसी घटनाओं का संज्ञान लेते हुए निजी कोचिंग संस्थानों में मूलभूत सुविधाओं, शुल्क और सुरक्षा उपायों के लिए दिशा-निर्देश तय करने का फैसला लिया है।

उन्होंने कहा कि उचित नियमन न होने से ऐसे संस्थानों में धोखाधड़ी और फर्जीवाड़े की घटनाएं भी सामने आती हैं।

सिंह ने कहा कि इसीलिए दिल्ली में कोचिंग संस्थानों के संचालन को नियामक प्रक्रिया के अधीन लाए जाने की आवश्यकता है।

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