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Delhi: दिल्ली सरकार ने विद्यालयों में बनाए शौचालय और उनकी गिनती कक्षाओं के तौर की- भाजपा

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने शुक्रवार को आरोप लगाया कि दिल्ली सरकार के विद्यालयों में कक्षाओं के निर्माण में ‘‘अनियमितताओं’’ पर सतर्कता निदेशालय की रिपोर्ट दर्शाती है कि मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को ‘‘बच्चों की शिक्षा की नहीं बल्कि केवल उनको मिल रहे कालेधन की चिंता है.

Delhi: दिल्ली सरकार ने विद्यालयों में बनाए शौचालय और उनकी गिनती कक्षाओं के तौर की- भाजपा
बीजेपी (Photo Credits PTI)

नयी दिल्ली, 25 नवंबर : भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने शुक्रवार को आरोप लगाया कि दिल्ली सरकार के विद्यालयों में कक्षाओं के निर्माण में ‘‘अनियमितताओं’’ पर सतर्कता निदेशालय की रिपोर्ट दर्शाती है कि मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) को ‘‘बच्चों की शिक्षा की नहीं बल्कि केवल उनको मिल रहे कालेधन की चिंता है.’’ भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता गौरव भाटिया ने यहां संवाददाता सम्मेलन में इस मामले में सतर्कता निदेशालय की रिपोर्ट का हवाला दिया और मांग की कि केजरीवाल अपने भ्रष्ट मंत्रियों को बर्खास्त करें या इस्तीफा दें. उन्होंने आरोप लगाया कि ‘भ्रष्ट गब्बर’ केजरीवाल ने केंद्रीय सतर्कता आयोग (सीवीसी) और लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के दिशानिर्देशों को धत्ता बताते हुए बिना निविदा निकाले कक्षाओं के निर्माण के लिए निजी कंपनी ‘बब्बर एंड बब्बर’ के साथ साठगांठ की.

उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार ने बिना निविदा निकाले विद्यालयों में निर्माण कार्य का दायरा बढ़ाया. उन्होंने आरोप लगाया कि उसने (सरकार ने) विद्यालयों में शौचालय बनाये और उनकी गिनती कक्षाओं के तौर पर की. उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘ उन्हें बच्चों के भविष्य की कोई चिंता नहीं है. उन्हें बस एक चीज की चिंता है और वह है उनके पास आ रहा कालाधन. लोगों को पता चल गया है कि आपकी रीढ़ की हड्डी ही नहीं है और यह भी कि आप भ्रष्ट मंत्रियों को बर्खास्त नहीं करेंगे. आप या तो स्पष्टीकरण दें या इस्तीफा दें. आप (जिम्मेदारी से) भाग नहीं सकते.’’ भाजपा नेता ने दावा किया कि रिपोर्ट दर्शाती है कि निजी कंपनी ने सरकार के साथ साठगांठ कर कक्षाओं के निर्माण की शर्तें तय कीं. भाटिया ने कहा, ‘‘ जो मंत्री जेल में हैं, उन्हें आपने बर्खास्त नहीं किया. सतर्कता रिपोर्ट ने शिक्षा विभाग में भी भ्रष्टाचार का भंडाफोड़ किया है. यह भी पढ़ें : महाराष्ट्र कॉलेजों में प्रवेश पाने के इच्छुक 18 वर्ष से अधिक आयु के छात्रों के लिए मतदाता पंजीकरण अनिवार्य करेगा

सतर्कता निदेशालय दिल्ली सरकार का हिस्सा है. क्या आपके कमजोर कंधे इस बोझ को उठा सकते हैं? क्या आप भ्रष्ट मंत्री को बर्खास्त कर सकते हैं?’’ उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार की टिप्पणी की मांग करने वाली सीवीसी रिपोर्ट ढाई साल तक पड़ी रही और जब उपराज्यपाल वी के सक्सेना ने दखल दिया तब इसे मुख्य सचिव को सौंपा गया. उन्होंने कहा, ‘‘केजरीवाल जी, आपने रिपोर्ट पर कार्रवाई क्यों नहीं की. क्या इसलिए कि आपके मंत्री ने आपके निर्देश पर सरकारी धन लूटा?’’ भाजपा नेता ने सवाल किया, ‘‘ यदि कक्षाओं की संख्या बढ़ायी जानी थी तब आपने निविदा क्यों नहीं निकाली. निजी कंपनी का प्रतिनिधि आपके इतना करीब कैसे हो सकता है कि वह मंत्री के कमरे में बैठ कर निर्माण कार्य पर फोन पर बात कर रहा है.’’

आधिकारिक सूत्रों ने शुक्रवार को बताया कि सतर्कता निदेशालय ने दिल्ली सरकार के विद्यालयों में कक्षाओं के निर्माण में कथित अनियमितताओं की ‘विशिष्ट एजेंसी’ द्वारा जांच की सिफारिश की है. उनके मुताबिक निदेशालय का दावा है कि इसमें ‘1300 करोड़ रुपये का घोटाला हुआ है.’ सूत्रों का कहना है कि जांच की सिफारिश संबंधी सतर्कता निदेशालय की यह रिपोर्ट मुख्य सचिव को सौंपी गयी है. सीवीसी ने 17 फरवरी, 2020 को एक रिपोर्ट में दिल्ली सरकार के विद्यालयों में पीडब्ल्यूडी द्वारा 2400 कक्षाओं के निर्माण में ‘गंभीर अनियमितताओं’ का उल्लेख किया था. सीवीसी ने फरवरी, 2020 में यह रिपोर्ट दिल्ली सरकार के सतर्कता निदेशालय के पास भेजी थी और इस मामले पर उसकी टिप्पणी मांगी थी.

(The above story first appeared on LatestLY on Nov 25, 2022 02:10 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).