नयी दिल्ली, दो जुलाई दिल्ली सरकार ने ‘डिजिटल डिवाइड’ की समस्या को दूर करने के लिये और कोविड-19 महामारी के चलते स्कूलों के बंद होने के मद्देनजर छात्रों को होने वाले अकादमिक नुकसान में कमी लाने के लिये बृहस्पतिवार को एक ‘दूरस्थ पठन-पाठन’ योजना की घोषणा की।
उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि इस योजना का मुख्य जोर छात्रों को होने वाले अकादमिक नुकसान में कमी लाना है। सरकार का जोर ‘डिजिटल डिवाइड’ के मुद्दे का भी हल करने पर है क्योंकि सभी छात्रों के पास इंटरनेट या स्मार्टफोन नहीं है।
उल्लेखनीय है कि ‘डिजिटल डिवाइड’ समाज में संचार के साधनों से लैस लोगों और इससे वंचित लोगों के बीच के अंतर को कहा जाता है।
दिल्ली के शिक्षा मंत्री सिसोदिया ने कहा कि सरकारी स्कूलों में नियुक्त अतिथि शिक्षकों को ऑनलाइन पठन-पाठन के कार्य में लगाया जाएगा।
उन्होंने कहा, ‘‘कोरोना वायरस संकट के मद्देनजर 31 जुलाई तक स्कूलों के बंद रहने को लेकर हमने दिल्ली के सभी सरकारी एवं सरकार से सहायता प्राप्त स्कूलों में केजी से लेकर 12 वीं कक्षा तक के छात्रों को अकादमिक नुकसान में कमी लाने के लिये एक वैकल्पिक पठन-पाठन योजना बनाई है।’’
उन्होंने कहा कि केजी से 12 वीं कक्षा तक को तीन समूहों में विभाजित किया गया है और उनके लिये तीन अलग रणनीतियां बनाई गई हैं।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)













QuickLY