देश की खबरें | दिल्ली : नाक की लौंग से सुलझा महिला की हत्या का मामला, पति और घरेलू सहायक गिरफ्तार

नयी दिल्ली, 11 अप्रैल दिल्ली में नाक की लौंग एक महिला की हत्या के राज से पर्दाफाश करने में अहम सबूत साबित हुई। महिला की हत्या तार से गला घोंटकर कर दी गई थी और शव को चादर में लपेटकर नाले में बहा दिया गया था। पुलिस ने यह शुक्रवार को जानकारी दी।

पुलिस ने बताया कि इस मामले में महिला के पति को गिरफ्तार किया गया है।

इसने कहा कि प्रॉपर्टी डीलर अनिल कुमार ने परिवार के घरेलू सहायक शिवशंकर के साथ मिलकर इस जघन्य हत्या को अंजाम दिया।

पुलिस उपायुक्त (द्वारका) ने एक बयान में कहा, ‘‘सीमा सिंह (47) का शव 15 मार्च को बरामद किया गया था, जिसे चादर में लपेटकर, केबल तार और भारी पत्थर से बांधकर नजफगढ़ नाले में फेंक दिया गया था।’’

अधिकारी ने बताया कि शुरुआत में उसकी पहचान नहीं हो सकी लेकिन जांचकर्ताओं को तब सफलता मिली जब उन्होंने उसकी नाक में पहनी हुई सोने की लौंग की जांच की।

पुलिस उपायुक्त ने बताया कि लौंग पर मौजूद हॉलमार्क की मदद से पुलिस निर्माता का पता लगाने में सफल हुई, जिससे अंततः महिला की पहचान स्थापित करने में मदद मिली। उन्होंने बताया कि पुलिस द्वारा जारी और सोशल मीडिया पर प्रसारित एक रेखाचित्र ने महिला के एक रिश्तेदार का ध्यान आकर्षित किया, जिसने अधिकारियों से संपर्क किया और सीमा की पहचान की पुष्टि की।

अधिकारी ने कहा कि छावला थाने में प्राथमिकी दर्ज कर आरोपियों को पकड़ने के लिए कई टीम गठित की गईं।

उन्होंने बताया कि पुलिस ने आखिरकार आरोपी कुमार को गिरफ्तार कर लिया और एक टीम ने शिवशंकर को पकड़ा। पूछताछ के दौरान शिवशंकर ने कबूल किया कि उसने और अनिल ने 11 मार्च को द्वारका के सेक्टर 10 में अपने घर पर सीमा की गला घोंटकर हत्या कर दी थी।

शंकर ने पुलिस को बताया कि दोनों ने जांचकर्ताओं को गुमराह करने और संदेह से बचने के लिए शव को ठिकाने लगा दिया।

पुलिस के मुताबिक, अनिल कुमार ने सीमा के परिवार और पुलिस को बताया था कि वह गुस्से में घर से चली गई थी और कभी वापस नहीं लौटी। इसके बाद वह फरार हो गया था।

उन्होंने कहा कि जांच के दौरान अनिल के गुरुग्राम में किसी दूसरी महिला के साथ रहने की जानकारी मिली। सीमा के परिवार ने उसकी लाश मिलने से कुछ दिन पहले छतरपुर थाने में उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।

पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के अनुसार, सीमा की हत्या शव मिलने से कुछ दिन पहले ही कर दी गई थी। उसके चेहरे और सिर पर लगी चोटों से संकेत मिला कि हत्या से पहले हिंसक संघर्ष हुआ था।

पुलिस ने बताया कि दपंति के बीच कथित तौर पर वैवाहिक विवाद था और घटना में गहरी साजिश निहित थी।

घटना के समय सीमा को आखिरी बार छोटे बेटे के साथ घर से निकलते हुए देखा गया था तथा उसके पास पर्स भी था, जिसे बाद में उसके पति के कब्जे से बरामद किया गया।

पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि जिस महिला के साथ अनिल रह रहा था, क्या उसकी हत्या में कोई भूमिका थी।

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