नयी दिल्ली, 25 अगस्त अमेरिका से लाये जा रहे वीवीवाईपी विमान के आने में तकनीकी कारणों से देरी हो गयी है। एयर इंडिया के वरिष्ठ अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी।
इस विमान को राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के लिए उपयोग में लाया जाएगा।
अधिकारियों ने बताया कि यह विमान इस माह के शुरू में भारत पहुंचना था और एयर इंडिया के अधिकारी विमान निर्माता बोइंग से इस विमान को हासिल करने के लिए इस माह के प्रारंभ में अमेरिका गये थे।
अधिकारियों के अनुसार, अति विशिष्ट जनों के लिए विशेष रूप से बनाये गये दूसरे विमान बी777 के सितंबर में बोइंग से मिल जाने की संभावना है।
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वैसे ऐसी संभावना थी कि वीवीआईपी की यात्रा के लिए ही निर्धारित ये दोनों विमान जुलाई तक मिल जाते लेकिन कोविड-19 के चलते उनकी आपूर्ति में कुछ सप्ताह की देरी हुई।
एक अधिकारी ने बताया कि वीवीआईपी की यात्रा के दौरान इन दोनों बी777 विमानों को एयर इंडिया के नहीं, बल्कि वायुसेना के पायलट उड़ायेंगे।
फिलहाल राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति और प्रधानमंत्री एयर इंडिया के बी 747 में यात्रा करते हैं । उसे एयर इंडिया के पायलट ही उड़ाते हैं और एयर इंडिया इंजीनियरिंग सर्विसेज लिमिटेड उनका रखरखाव करता है।
नये विमानों का उपयोग केवल अतिविशिष्ट व्यक्तियों के सफर के लिए ही किया जाएगा। इन बी 777 विमानों में अत्याधुनिक मिसाइल रक्षा प्रणाली ‘‘लार्ज एयरक्राफ्ट इन्फ्रारेड काउंटर मीजर्स’’ और ‘‘सेल्फ प्रोटेक्शन सूट्स’’ होगी।
फरवरी में अमेरिका इन दोनों रक्षा प्रणालियों (विमानों) को 19 करोड़ डॉलर के मूल्य पर भारत को बेचने पर राजी हुआ था।
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