एजेंसी न्यूज

जरुरी जानकारी | विदेशों में कमजोरी के रुख के बीच सोयाबीन, सीपीओ, पाम तेल और बिनौला में गिरावट

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. विदेशी बाजारों में कमजोरी के रुख और सस्ते तेलों की आयात मांग बढ़ने के कारण दिल्ली तेल तिलहन बाजार में बुधवार को अधिकांश तेल तिलहन कीमतों में गिरावट का रुख कायम हो गया जबकि सरसों, मूंगफली सहित कुछेक तेलों के भाव पूर्वस्तर पर ही बंद हुए।

जरुरी जानकारी | विदेशों में कमजोरी के रुख के बीच सोयाबीन, सीपीओ, पाम तेल और बिनौला में गिरावट

नयी दिल्ली, 24 जून विदेशी बाजारों में कमजोरी के रुख और सस्ते तेलों की आयात मांग बढ़ने के कारण दिल्ली तेल तिलहन बाजार में बुधवार को अधिकांश तेल तिलहन कीमतों में गिरावट का रुख कायम हो गया जबकि सरसों, मूंगफली सहित कुछेक तेलों के भाव पूर्वस्तर पर ही बंद हुए।

बाजार सूत्रों का कहना है कि सस्ते आयातित तेलों की आवक बढ़ने से सरसों, मूंगफली और सोयाबीन जैसे देशी तेलों के बाजार पर दबाव है। इसके अलावा मलेशिया के बाजार में कच्चे पामतेल का रिकार्ड स्टॉक जमा होने की भरपूर संभावना है। स्थानीय तिलहन उत्पादक किसानों को प्रोत्साहन देने के लिए कच्च पाम तेल जैसे तेलों पर शुल्क बढ़ाना चाहिये नहीं तो स्थानीय तिलहन उत्पादक किसानों को निराशा होगी जिनके ऊपर देश को तिलहन के मामले में आत्मनिर्भर बनाने की जिम्मेदारी है।

यह भी पढ़े | ITR Filing Deadlines Extended: कोरोना संकट के बीच सीबीडीटी ने दी बड़ी राहत, आयकर रिटर्न दाखिल करने की अंतिम तारीख 30 नवंबर तक बढ़ाई.

सूत्रों ने कहा कि लॉकडाऊन के खुलने के बाद बाजार में सस्ते आयातित तेलों की मांग बढ़ी है और मलेशिया में कच्चे पाम तेल के रिकॉर्ड स्टॉक होने से सीपीओ और पामोलीन तेल की कीमतों में गिरावट आई। वायदा कारोबार में भाव तोड़े जाने से सोयाबीन की कीमतों में भी हानि दर्ज हुई।

सूत्रों ने कहा कि ऐसी स्थिति में सरकार को देशी तेल तिलहन उत्पादक किसानों के हितों की रक्षा के लिए सूरजमुखी, रेपसीड, पाम तेल और सोयाबीन डीगम पर आयात शुल्क में अधिकतम वृद्धि करने के बारे में सोचना होगा। इसके बिना घरेलू तेल उद्योग और तिलहन किसानों के हित प्रभावित हो सकते हैं और बेरोजगारी बढ़ सकती है। बाजार सूत्रों के अनुसार मलेशिया ने भी अपने यहां तेलों पर निर्यात शुल्क को हटा लिया है, जिससे सस्ते तेलों के आयात से स्थानीय बाजार पटने की संभावना है।

यह भी पढ़े | 7th Pay Commission: रक्षा पेंशन से जुड़ी ये बातें शायद ही जानते होंगे आप, खर्च होता है बजट का बड़ा हिस्सा.

बुधवार को बंद भाव इस प्रकार रहे- (भाव- रुपये प्रति क्विंटल)

सरसों तिलहन - 4,635- 4,660 (42 प्रतिशत कंडीशन का भाव) रुपये।

मूंगफली दाना - 4,845 - 4,895 रुपये।

वनस्पति घी- 995 - 1,100 रुपये प्रति टिन।

मूंगफली तेल मिल डिलिवरी (गुजरात)- 13,180 रुपये।

मूंगफली साल्वेंट रिफाइंड तेल 1,960 - 2,010 रुपये प्रति टिन।

सरसों तेल दादरी- 9,600 रुपये प्रति क्विंटल।

सरसों पक्की घानी- 1,550 - 1,690 रुपये प्रति टिन।

सरसों कच्ची घानी- 1,615 - 1,735 रुपये प्रति टिन।

तिल मिल डिलिवरी तेल- 10,500 - 13,500 रुपये।

सोयाबीन तेल मिल डिलिवरी दिल्ली- 9,050 रुपये।

सोयाबीन मिल डिलिवरी इंदौर- 8,920 रुपये।

सोयाबीन तेल डीगम- 7,900 रुपये।

सीपीओ एक्स-कांडला- 7,240 रुपये।

बिनौला मिल डिलिवरी (हरियाणा)- 7,950 रुपये।

पामोलीन आरबीडी दिल्ली- 8,800 रुपये।

पामोलीन कांडला- 8,000 रुपये (बिना जीएसटी के)।

सोयाबीन तिलहन डिलिवरी भाव 3,890- 3,915 लूज में 3,690--3,715 रुपये।

मक्का खल (सरिस्का) - 3,500 रुपये

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)

(The above story first appeared on LatestLY on Jun 24, 2020 10:07 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).